एक ही स्टाल पर बिक रही पिता-पुत्र की पुस्तकें
प्रयागराज के साहित्य समाज में पहचान रखने वाले फौजदार माली से शहर के लोग अनजान नहीं हैं। पुस्तक मेले में आए बुकवाला प्रकाशक के स्टॉल पर जहां एक ओर फौजदार माली का काव्य संग्रह बुद्ध नहीं हूं मैं बिक रही है तो, वहीं उसके साथ उनके पुत्र डाॅ. प्रभांशु कुमार का काव्य संग्रह डाॅ. प्रभांशु की कलम से की भी मांग है। उल्लेखनीय है कि काव्य संग्रह बुद्ध नहीं हूं मैं को 2013 में हिंदी संस्थान लखनऊ की ओर से वीडीएन शाही पुरस्कार दिया गया है। जबकि उनके पुत्र प्रभांशु की काव्य संग्रह डॉ. प्रभांशु की कलम से पुस्तक को गोपाल दास नीरज राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित हुए थे।