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भारत बंद : किसानों ने जगह-जगह जाम लगाकर किया प्रदर्शन

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किसानों ने जगह-जगह किया चक्का जाम, बाजार भी बंद
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0 तीन कृषि कानूनों के विरोध में ग्रामीण इलाकों के अलावा शहरी क्षेत्र में भी कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन
0 बंद को कई संगठनों का समर्थन, धरना-प्रदर्शन में हुए शामिल, मांग पूरी होने तक आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के भारत बंद का प्रयागराज में भी असर दिखा। सुलेमसराय समेत कई स्थानों पर उन्होंने चक्काजाम किया। इसकी वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। तहसील एवं ब्लॉक मुख्यालयों के अलावा किसानों ने सिविल लाइंस में भी धरना दिया और मांग के समर्थन में आवाज बुलंद की। सुलेमसराय, सिविल लाइंस, झलवा में कुछ देर के लिए बाजार भी बंद रहे। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से प्रस्तावित बंद को राजनीतिक दलों तथा कई अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया एवं धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले किसानों ने पहले झलवा में बंद कराया। यूनियन कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे किसानों ने सुलेमसराय में चक्काजाम किया। ट्रैक्टरों की कतार लग जाने से सड़क की एक लेन पर आवागमन करीब ढाई घंटे तक बाधित रहा। इसके अलावा किसानों ने आसपास की दुकानें भी बंद करा दीं। बंद की घोषणा को देखते हुए पुलिस की ओर से जगह-जगह डायवर्जन की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा पुलिस बल के दबाव पर किसान बीच-बीच में जाम खोल दे रहे थे। ऐसे में लोगों को बहुत परेशानी नहीं हुई। करीब सुबह 10:30 बजे पहुंचे किसान एक बजे तक वापस हुए। आंदोलन में यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुज सिंह, संजय यादव, राजेंद्र प्रसाद, लल्लू प्रसाद, शालिग्राम यादव, बबलू यादव आदि शामिल रहे। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने घूरपुर में रैली निकाली। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। बारा एवं कोरांव तहसील, बहरिया ब्लॉक मुख्यालय, शंकरगढ़ आदि स्थानों पर किसानों ने धरना दिया। बहरिया में किसानों ने कुछ देर के लिए चक्काजाम भी किया। हालांकि, पहले से तैनात फोर्स ने उन्हें हटा दिया।
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समर्थन में धरना, जुलूस निकालकर बंद कराईं दुकानें
प्रयागराज। बंद के समर्थन में कई संगठनों ने धरना-प्रदर्शन किया। संयुक्त ट्रेड यूनियंस, अधिवक्ता मंच, टैंपा टैक्सी यूनियन, केंद्रीय कर्मचारी संघ, नागरिक समाज आदि संगठनों से जुड़े लोगों ने सिविल लाइंस में पत्थर गिरजा घर के पास धरना दिया। उन्होंने सिविल लाइंस में रैली भी निकाली और दुकानें बंद कराईं। हालांकि, शाम तक दुकानें फिर खुल गईं थीं। इस दौरान वे कृषि कानूनों को रद्द करने के अलावा श्रम संहिता को भी वापस लिए जाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने, बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार आदि मुद्दे भी उठाए। कार्यक्रम के अंत में देश में जगह-जगह जारी आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उन्होंने दो मिनट का मौन भी रखा। धरना-प्रदर्शन, रैली में हरिश्चंद्र द्विवेदी, कर्मचारी नेता सुभाष पांडेय, राम धीरज, अविनाश मिश्र, नसीम अंसारी, डॉ.कमल उसरी, रामसागर, केके राय, अनंत बहादुर, अंशु मालवीय आदि शामिल रहे। जन कल्याण पार्टी के लाल बहादुर पाल, कमलेश श्रीवास्तव, संदीप श्रीवास्तव, जन नारायण तिवारी आदि भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।
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सपा, आम आदमी पार्टी का भी मिला समर्थन
0 सपा और आम आदमी पार्टी ने भी बंद का समर्थन किया। पत्थर गिरजा घर पर आयोजित धरना-प्रदर्शन में सपा के विनोद चंद्र दुबे, सबीहा मोहनी, डॉ.ऋचा सिंह इमरान यूनुस आदि शामिल हुए। उन्होंने रैली भी निकाली। समाजवादी युवजन सभा की ओर से सुभाष चौराहा पर धरना दिया गया। उन्होंने सुभाष चौराहा से पत्थर गिरजा घर तक पैदल मार्च भी निकाला। उन्हाेंने आसपास की दुकानें भी बंद करा दीं। धरना-प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप यादव, नरेंद्र निषाद, संदीप सत्या, आशीष यादव, अंकित भीम आदि शामिल रहे। आम आदमी पार्टी की ओर से भी आंदोलन का समर्थन किया गया।
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