prayagraj news : बीईओ की परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यर्थी।
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अभ्यर्थियों को इनका अर्थ स्पष्ट करते हुए इन्हें वाक्यों में प्रयोग करना था। लेकिन, कुल मिलाकर हिंदी का पेपर हल करने के लिए अभ्यर्थियों को जो समय मिला, वह कम लगा। अभ्यर्थी विनोद सिंह और विवेकानंद सिंह ने बताया कि हिंदी के सवालों का जवाब देने के लिए जो शब्द सीमा निर्धारित की गई थी, वह इतनी अधिक थी कि सवालों को जवाब देने के लिए समयसीमा कम पड़ गई। अभ्यर्थियों के मुताबिक बीईओ मेंस का पेपर पीसीएस परीक्षा के स्तर का था।
निबंध के सवाल समसामयिक विषयों पर आधारित रहे और अभ्यर्थियों को अपनी समझ के आधार निबंध लिखना था। निबंध दो खंडों में पूछे गए। प्रत्येक खंड में निबंध के तीन विषय दिए गए थे और दोनों खंड से एक-एक विषय पर निबंध लिखना था।
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पहले खंड में ‘साहित्य और जीवन मूल्य’, ‘ऑनलाइप श्क्षिा: चुनौतियां और संभावनाएं’ एवं ‘परंपरागत कृषि का भविष्य’ और दूसरे खंड में ‘मेक इन इंडिया: एक सशक्त भारत का स्वप्न’, ‘पर्यावरण असंतुलन और जैव विविधता’ एवं ‘कोविड-19: एक वैश्विक’ आपदा विषय पर निबंध लिखना था। विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य अध्ययन के सवाल भी काफी स्तरीय रहे। इसमें इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र जैसे विषयों से जुड़े सवाल पूछे गए। साथ ही कोविड-19, राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क 2020, प्रयाग प्रशस्ति, सरकारी ई-बाजार, स्पेशल इकनॉमिक जोन, एम. पासपोर्ट सेवा, स्वयं पोर्टल, ऐस्ट्रोसैट, समग्र शिक्षा योजना से संबंधित सवाल भी पूछे गए।