बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने कोरोना काल में अदालतें बंद होने से वकीलों को हो रही आर्थिक कठिनाई से उबारने के लिए हर अधिवक्ता को 20-20 हजार रुपये मासिक की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
इसे लेकर कौंसिल के अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने मुख्यमंत्री, केंद्रीय विधि मंत्री, विधि मंत्री उत्तर प्रदेश, महाधिवक्ता और नेता प्रतिपक्ष को पत्र लिखा है। कौंसिल ने यह भी मांग की है कि कोरोना से पीड़ित अधिवक्ताओं का सरकार निशुल्क इलाज कराए।
अध्यक्ष जानकी शरण पांडेय ने बताया कि बार कौंसिल से अपने संसाधनों से प्रत्येक बार एसोसिएशन के सीओपी नंबर धारक अधिवक्ताओं के लिए मदद भेजी है। इससे संबंधित चेक अधिकांश अधिवक्ता संघों को मिल गए हैं या फिर जल्दी ही मिल जाएंगे।
इसके बावजूद वकीलों की अधिक संख्या को देखते हुए बार कौंसिल के लिए हर एक अधिवक्ता को मदद दे पाना संभव नहीं है। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि महामारी के समाप्त होने तक और स्थिति सामान्य होने तक हर अधिवक्ता को 20-20 हजार रुपये मासिक की सहायता सरकार के स्तर से प्रदान की जाए।
इससे पूर्व बार कौंसिल ने कोरोना पीड़ित अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता प्रदान की थी। प्रदेश सरकार और न्यासी समिति से भी रकम मांगी गई थी। मगर सरकार के स्तर से कौंसिल को अब तक कोई मदद नहीं मिल सकी है।