चार वर्ष बाद उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के दूसरे दिन शुक्रवार को आसान सवालों ने अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी ला दी। हालांकि, केंद्र से बाहर निकलने पर अभ्यर्थियों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा, जिसने उनका दोबारा इम्तिहान लिया।
प्रथम पाली में बाल विकास एवं शिक्षण विधि से आधुनिक शिक्षा में शिक्षण को समझने और बच्चों में भावनात्मक सुरक्षा से जुड़े कारक पर प्रश्न थे। किशोरावस्था से संबंधित कई सवाल भी पूछे गए। किसी छात्र को धीमा सीखने वाला वर्गीकृत करने के परिणामों पर भी प्रश्न था।
हिंदी में ईश्वर भक्त और घुड़सवार जैसे समस्त पदों के समास पूछे गए। तरणि-तरणी युग्म शब्दों का सही अर्थ, सूर्य का समानार्थी शब्द, मैं लड़के को वेद पढ़ाता हूं, वाक्य में कर्मों की संख्या और एक आंख से देखना मुहावरे का अर्थ भी पूछा गया।
जौनपुर से आईं पायल, मीनाक्षी, सुशील, मोनू गुप्ता के अनुसार, अंग्रेजी के सवाल सरल आए। संस्कृत में उपसर्ग, बहुवचन रूप, लिंग और एकवचन रूप से संबंधित प्रश्न थे। पक्षी शब्द का पर्यायवाची चुनने को भी कहा गया।
गणित में प्रायिकता, लाभ-हानि प्रतिशत और चुनाव में वैध वोटों की गणना से जुड़े सवाल पूछे गए।
सूर्य प्रकाश- फोटो : संगठन
सूर्य प्रकाश- फोटो : संगठन
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