इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए निर्मित चैंबरों के आवंटन की नियमावली में कथित विसंगतियों को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। चैंबर आवंटन संघर्ष समिति की ओर से अधिवक्ता दोपहर एक बजे हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के मार्बल हॉल में एकत्र हुए। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नेतृत्व में बार एसोसिएशन के पदाधिकारी कक्ष पहुंचे और कार्यकारिणी के समक्ष अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
संघर्ष समिति के अनुसार, पूर्व सूचना के बावजूद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के उपस्थित न रहने पर अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने चैंबर आवंटन नियमावली वापस लेने, किरायेदारी व्यवस्था समाप्त करने और चैंबर मेंटेनेंस शुल्क वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव अखिलेश शर्मा ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि इस मुद्दे पर तत्काल कार्यकारिणी की बैठक कर मुख्य न्यायाधीश एवं चैंबर्स कमेटी के अध्यक्ष से वार्ता की जाएगी। उन्होंने कहा कि छह जुलाई को चैंबर आवंटन संघर्ष समिति को वार्ता की प्रगति और परिणाम से अवगत कराया जाएगा।
आश्वासन के बाद वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों की मौजूदगी में निर्णय लिया गया कि यदि छह जुलाई तक चैंबर आवंटन नियमावली से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सात जुलाई को मार्बल हॉल में अधिवक्ताओं की बैठक होगी। इसके बाद लाइब्रेरी हॉल में सभा आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इस दौरान राजेंद्र प्रसाद तिवारी, आरके ओझा, अशोक सिंह, राजेश खरे, हरवंश सिंह, डॉ. सीपी उपाध्याय, प्रभाशंकर मिश्रा, अनिल श्रीवास्तव, संतोष पांडेय, मृत्युंजय तिवारी, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, प्रशांत सिंह (रिंकू), दुर्गा कुमारी सहित अधिवक्ता उपस्थित रहे।