एकतरफ प्यार ठुकराने का लिया था बदला
पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया था कि उसका दोस्त मोनू सरोज दुष्कर्म पीड़िता से प्यार करता था, लेकिन पीड़िता ने उसके प्रस्ताव पर इन्कार करते हुए उसे चप्पल से मारा था। इसका बदला लेने के लिए गोहरी घटना को अंजाम दिया गया था।
वकील ने कहा...बिहार से उठा कर लाई थी पुलिस
गंगापार की इस बहुचर्चित घटना में विवेचना के दौरान कई नए मोड़ और सवाल खड़े हुए थे, जिसमें पुलिस की भूमिका भी कटघरे में थी। जमानत अर्जी पर आरोपियों के वकील ने कहा, आरोपी निर्दोष हैं। इन्हें यूपी पुलिस, बिहार से उठाकर लाई थी। प्रयागराज में फर्जी मुठभेड़ की कहानी गढ़ी गई और इन्हें झूठा फंसाया गया।
अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने आदतन सामूहिक हत्या को अंजाम देने वाला गिरोह बताया। कहा, घटनाओं में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बांका, कुल्हाड़ी और नुकीला पेचकस बरामद कराया गया है। आरोपी आकाश खरवार के खिलाफ सात अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
प्रियंका गांधी और चंद्रशेखर समेत कई बड़े नेता पहुंचे थे गांव में
गोहरी में हुई इस सनसनीखेज वारदात से सूबे की राजनीति में भी बड़ी हलचल हुई थी। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या को राजनीतिक मुद्दा बनाकर कई बड़े नेता गांव पहुंचे थे। कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू और पीएल पुनिया के साथ गांव पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी थी। भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने भी सीबीआई जांच की मांग की थी। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह भी पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे।
खुलासे के लिए पुलिस हुई थी पुरस्कृत
राजनीतिक मुद्दा बन चुकी इस घटना के खुलासे से योगी सरकार को बड़ी राहत मिली थी। कानून व्यवस्था के सवालों से घिरी सरकार ने दोनों हत्याकांड का खुलासा करने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की थी, जबकि अपर पुलिस महानिदेशक, प्रयागराज जोन ने एक लाख रुपये, पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज) ने 50,000 रुपये और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज ने 25,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी।