फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : गोहरी सामूहिक दुष्कर्म, हत्याकांड के मास्टर माइंड समेत दो की जमानत खारिज

Sun, 10 Mar 2024 05:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश जिला जज संतोष राय की कोर्ट ने आरोपी रोहित खरवार और आकाश खरवार की जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि और आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दिया।
विज्ञापन
अदालत। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जिला न्यायालय ने फाफामऊ के गोहरी में चर्चित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के आरोपी कुख्यात अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टर माइंड रोहित खरवार और आकाश खरवार की जमानत खारिज कर दी है।

विज्ञापन


यह आदेश जिला जज संतोष राय की कोर्ट ने आरोपी रोहित खरवार और आकाश खरवार की जमानत अर्जी पर अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि और आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दिया।

प्रयागराज जिले के फाफामऊ थाना क्षेत्र के गोहरी गांव में वर्ष 2021 में 21 नवंबर की रात सड़क किनारे रहने वाले दलित परिवार के घर में घुस कर इस गिरोह के सात लोगों ने नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म करने के साथ ही पीड़िता के माता पिता और मासूम भाई समेत चार की निर्ममता से हत्या कर दी थी।
विज्ञापन


घटना को अंजाम देने के बाद ये बिहार भाग गए। हालांकि, घटना का खुलासा 25 नवंबर को तब हुआ, जब गांव वालों ने कई दिनों तक घर का दरवाजा न खुलने की सूचना मृतक के भाई लालचंद्र को दी।दरवाजा खोलने पर पूरा परिवार लहूलुहान मृत मिला था।

मृतक के भाई लालचंद्र की तहरीर पर पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए पड़ोसी परिवार के 11 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, विवेचना के दौरान पड़ोसियों को बेगुनाह पाया गया।

विवेचना के दौरान अप्रैल 2022 में थरवई थाना क्षेत्र के खेवराजपुर में भी इसी अंदाज में पांच लोगों की सामूहिक हत्या हुई। इसके बाद इस गिरोह के साथ बडन पर गांव में हुई मुठभेड़ के बाद इन्हें गिरोह के सात सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया गया था। ....

एकतरफ प्यार ठुकराने का लिया था बदला

पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया था कि उसका दोस्त मोनू सरोज दुष्कर्म पीड़िता से प्यार करता था, लेकिन पीड़िता ने उसके प्रस्ताव पर इन्कार करते हुए उसे चप्पल से मारा था। इसका बदला लेने के लिए गोहरी घटना को अंजाम दिया गया था।

वकील ने कहा...बिहार से उठा कर लाई थी पुलिस

गंगापार की इस बहुचर्चित घटना में विवेचना के दौरान कई नए मोड़ और सवाल खड़े हुए थे, जिसमें पुलिस की भूमिका भी कटघरे में थी। जमानत अर्जी पर आरोपियों के वकील ने कहा, आरोपी निर्दोष हैं। इन्हें यूपी पुलिस, बिहार से उठाकर लाई थी। प्रयागराज में फर्जी मुठभेड़ की कहानी गढ़ी गई और इन्हें झूठा फंसाया गया।

अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने आदतन सामूहिक हत्या को अंजाम देने वाला गिरोह बताया। कहा, घटनाओं में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, बांका, कुल्हाड़ी और नुकीला पेचकस बरामद कराया गया है। आरोपी आकाश खरवार के खिलाफ सात अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन

प्रियंका गांधी और चंद्रशेखर समेत कई बड़े नेता पहुंचे थे गांव में

गोहरी में हुई इस सनसनीखेज वारदात से सूबे की राजनीति में भी बड़ी हलचल हुई थी। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या को राजनीतिक मुद्दा बनाकर कई बड़े नेता गांव पहुंचे थे। कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू और पीएल पुनिया के साथ गांव पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी थी। भीम आर्मी के चंद्रशेखर ने भी सीबीआई जांच की मांग की थी। आम आदमी पार्टी के संजय सिंह भी पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे।


खुलासे के लिए पुलिस हुई थी पुरस्कृत

राजनीतिक मुद्दा बन चुकी इस घटना के खुलासे से योगी सरकार को बड़ी राहत मिली थी। कानून व्यवस्था के सवालों से घिरी सरकार ने दोनों हत्याकांड का खुलासा करने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली टीम को एक लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की थी, जबकि अपर पुलिस महानिदेशक, प्रयागराज जोन ने एक लाख रुपये, पुलिस महानिरीक्षक (प्रयागराज रेंज) ने 50,000 रुपये और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रयागराज ने 25,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें