पत्थर गिरिजाघर के पास बाइक शेयरिंग स्टैंड पर साइकिलों की कमी दिखी।
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8: 20 बजे सीएवी डिग्री कॉलेज के सामने वाले स्टैंड पर भी 11 में से सिर्फ एक साइकिल टूटी हालत में पड़ी मिली। इस स्टैंड पर मिले सचिन ने बताया कि महीनों से वहां साइकिलें नदारद हैं। इसके बाद टीम 8:35 बजे सुभाष चौराहे पहुंची। इसी चौराहे से दो अक्तूबर 2021 की सुबह इस योजना की शुरुआत की गई थी। लेकिन, इस रात वहां भी 14 साइकिलों वाले स्टैंड में सिर्फ एक साइकिल ही खड़ी थी। यह साइकिल भी चालू हालत में नहीं थी।
सुभाष चौराहे पर बाइक शेयरिंग स्टैंड पर साइकिलों की कमी दिखी।
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8:45 बजे पत्थर गिरजाघर के पास आईपीईएम स्कूल के सामने 11 साइकिलों वाले स्टैंड पर दो साइकिलें ही थीं। स्मार्ट साइकिलों की बात आते वहां अस्थाई दुकान लगाने वाला तौकीर कहता है कि यहां अब गिनती की ही साइकिलें रह गई हैं।शहर के पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने और लोगों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए शुरू हुई इस योजना के लिए गुजरात की सेवा प्रदाता कंपनी चार्टर्ड बाई प्राइवेट लिमिटेड से पांच साल के लिए करार किया गया है।
इस योजना के तहत स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से चार्टर्ड बाई को चार करोड़ का भुगतान किया जाना है। फिलहाल, योजना के तहत कुल 75 स्टेशन खोले जाने हैं। मौजूदा समय शहर के 45 जगहों पर स्थापित किए गए स्टेशनों पर 450 से अधिक स्मार्ट साइकिलें दी जा चुकी हैं।
स्मार्ट सिटी के तहत शुरू की गई पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के तहत कुछ शर्तों पर गुजरात की चार्टर्ड बाई प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया गया है। टूटने और खराब होने वाली साइकिलों की मरम्मत कंपनी को करानी है। पांच साल तक सफल संचालन के लिए यह चार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। अभी तक कंपनी को सिर्फ 50 लाख ही भुगतान किए गए हैं। अगर योजना कामयाब नहीं रही तो आगे भुगतान पर विचार किया जाएगा। -संजय रथ, मिशन मैनेजर, स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड