व्यापार को लेकर पक्षकारों से चल रहा है विवाद
याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि व्यापार से जुड़े मामले में पक्षकारों से विवाद चल रहा है। जिसमें कृष्ण मोहन तिवारी और उसकी मां से व्यवसाय से जुड़े मामले को लेकर विवाद था। जिसको लेकर सिविल और क्रिमिनल के पहले से ही कई मुकदमे लंबित हैं। इसी को लेकर साजिश के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। यह भी कहा कि पक्षकारों का एक गिरोह है और उन लोगों ने कई लोगों के साथ मिलकर एक झूठी एफआईआर दर्ज कराई।
सरकारी अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। कहा कि याची के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इस घटना में उसका पूरा हाथ है वह पक्षकारों को लगातार धमती देता है। लिहाजा अर्जी खारिज करने योग्य है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। ट्रायल कोर्ट को छह माह में केस को निस्तारत करने का आदेश दिया है।
महिला ने लगाया धमकी देने का आरोप
दरअसल गोपीगंज भदोही की एक महिला ने 13 सितंबर 2021 को पूर्व विधायक विजय मिश्रा, बेटे विष्णु मिश्रा, विकास मिश्रा, रीमा पांडेय, सीमा पांडेय, गरिमा तिवारी, सतीश मिश्रा, प्रकाश चंद्र मिश्रा, राज दुबे, रतन मिश्रा, मुकेश तिवारी, विमल धर दुबे और अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
महिला की शिकायत पर आईपीसी की धारा 147, 149, 252, 323, 504, 506,307, 511, 392 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज है. शिकायतकर्ता महिला का आरोप था कि उस पर पूर्व में दर्ज कराये गए एक मुकदमें में सुलह के लिए दबाव डाला जा रहा है और ऐसा नहीं करने पर धमकी दी जा रही है।