100 फीट लंबाई, रास्ता बेहद संकरा
व्यापारी के जिस मकान में आग लगने की घटना हुई, उसकी बनावट के चलते भी राहत कार्य में दिक्कतें आईं। दरअसल, मकान की लंबाई लगभग 100 फीट थी। भीतर सामान भरा होने के कारण पीछे की ओर जाने के लिए रास्ता बेहद संकरा था। भारी मात्रा में दोना पत्तल व अन्य सामान आग की चपेट में आने से भीतर का तापमान बेहद ज्यादा हो गया था और यह भी एक वजह रही कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने में इतना वक्त लग गया।
...तो खाक हो जाती बाजार
घटना के बाद इस बात की भी चर्चा रही कि राहत कार्य में कोई भी चूक होती तो बाजार खाक हो सकती थी। दरअसल, बताशा मंडी में जिस जगह यह घटना हुई, वहां अलग-अलग सामान का थोक बाजार है। दोना-पत्तल कारोबारी विनोद के अगल बगल के मकानों में भी किराना समेत अन्य सामान की थोक दुकानें हैं। ज्यादातर मकानों में ही व्यापारियों ने गोदाम बना रखा है। ऐसे में समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो नुकसान कई गुना ज्यादा हो सकता था।