इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित बीए और बीएएसी की प्रवेश परीक्षाओं में हर तरफ अफरा-तफरी मची रही। पूरी परीक्षा में अव्यवस्था हावी रही और विद्यार्थियों तथा अभिभावकों की काफी फजीहत हुई। आखिरी समय में केंद्र बदल दिए गए। कई विद्यार्थियों के तो तीन-तीन बार परीक्षा केंद्र बदले गए। इतना ही नहीं यहां के विद्यार्थियों को कानपुर, रायबरेली आदि जिलों में भेज दिया गया था, तो वहां के अभ्यर्थियों को यहां केंद्र एलाट कर दिया गया। इसके अलावा सैकड़ों छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र ही जारी नहीं हुआ था।
ऐसे में अफसरों के सामने यह चुनौती रही कि बस किसी तरह से परीक्षा करा ली और वे उसमें सफल रहे। अफसरों को इसकी आशंका पहले से थी। इसलिए विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय में वैकल्पिक केंद्र की भी व्यवस्था की गई थी। किसी भी परीक्षार्थी का रोल नंबर ही नहीं मिल रहा था। इस तरह की अव्यस्था से कई केंद्रों पर छात्राएं रोने भी लगीं। इससे पूरी परीक्षा पर ही सवाल खड़ा हो गया है। साथ ही परीक्षा की शुचिता पर भी सवाल उठने लगे हैं। विश्वविद्यालय के अफसरों ने इसके लिए परीक्षा कराने वाली एजेंसी को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि इन विवादों के बीच 90 फीसदी से अधिक उपस्थिति के दावे किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार पहली बार ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया, लेकिन पहले दिन ही भारी अव्यवस्था सामने आई। बुधवार को सुबह की पाली में बीए तथा दूसरे सत्र में बीएससी की प्रवेश परीक्षा थी। इन परीक्षाओं के लिए शहर से काफी दूर झलवा, बमरौली आदि क्षेत्रों में सेंटर बनाए गए थे। अव्यवस्था का आलम यह रहा कि अभ्यर्थियों को मंगलवार देर रात तक केंद्र में परिवर्तन की मैसेज मिले।
ज्यादातर के जिले भी बदल दिए गए थे। एक अभ्यर्थी को रात में मैसेज गया कि उसे रायबरेली में परीक्षा देनी है। जबकि, प्रवेश पत्र में इलाहाबाद के स्कूल का जिक्र रहा। इस तरह की समस्या से बड़ी संख्या में विद्यार्थी रूबरू हुए। ऐसे में विद्यार्थियाें के सामने समस्या रही कि वे कहां जाएं। इस तरह से अचानक केंद्र बदले जाने पर झलवा स्थित सीपी गौतम इंटर कालेज केंद्र पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया। बुधवार की सुबह जब वे परीक्षा देने पहुंचे तो बताया गया कि उनका केंद्र बदल गया है। उन्हें आनन-फानन में सीएमपी डिग्री कालेज तथा एसपीएस भेजा गया।
इसी तरह से चौफटका के इलाहाबाद पब्लिक स्कूल पर ऐसे 45 विद्यार्थियों को परीक्षा दिलाई गई जिनका केंद्र कहीं और था। इस तरह की शिकायत ज्यादातर केंद्रों पर रही। वाराणसी, कानपुर, लखनऊ समेत सभी शहरों में भी ऐसी ही अव्यवस्था रही। इस तरह की व्यापक शिकायत को देखते हुए जो अभ्यर्थी जहां पहुंचे उनकी वहीं परीक्षा करा ली गई। ऐसे में अभ्यर्थियों में आशंका है कि उनकी कॉपी का मूल्यांकन होगा भी या नहीं। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर बीएन सिंह का कहना है कि एजेंसी की वजह से सारी परेशानियां थीं, लेकिन समय रहते समाधान कर लिया गया। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल किया गया। कॉमर्स फैकेल्टी में वैकल्पिक परीक्षा केंद्र की भी व्यवस्था की गई थी। वहां भी 23 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। उनका कहना है कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई।
विश्वविद्यालय में पहली बार ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का भी विकल्प दिया गया था, लेकिन इसमें भी सर्वर ने झटका दिया। सर्वर डाउन रहने की कई बार शिकायत हुई। बीए और बीएससी की प्रवेश परीक्षा में समय को लेकर भी गड़बड़ी की शिकायत रही। बीए के कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र में परीक्षा का समय सुबह नौ से 12 बजे दिया गया था, जबकि परीक्षा नौ से 11 बजे के बीच ही होनी थी। इसी तरह की शिकायत बीएससी प्रवेश परीक्षा में भी रही। इसको लेकर भी केंद्रों पर विवाद रहा। विश्वविद्यालय की बीए और बीएससी प्रवेश परीक्षा के अभ्यर्थी केंद्र को लेकर तो परेशान हुए ही, आंधी-पानी ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी थी। आंधी-पानी की वजह से जगह-जगह पेड़ गिर गए। इसकी वजह से कई रास्ते बंद हो गए थे और पूरे शहर में जाम की स्थिति रही। इसकी वजह से सेंटर को लेकर इधर-उधर भटकने वाले अभ्यर्थियों की परेशानी और बढ़ गई थी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की बीकॉम प्रवेश परीक्षा बृहस्पतिवार को सुबह नौ बजे से है। दूसरी पाली में स्नातक बीपीए आदि विषयों की प्रवेश परीक्षाएं है, लेकिन इन परीक्षाओं में भी केंद्र बदल जाने की शिकायत बुधवार को रात तक रही। मुट्ठीगंज की एक छात्रा को पहले मैसेज पहुंचा कि उसका केंद्र इलाहाबाद पब्लिक स्कूल है। खास यह कि परीक्षा का समय दिन में दो से चार बजे के बीच दिया गया था। जबकि बीकॉम की प्रवेश परीक्षा सुबह नौ बजे से होनी है।
फिर कुछ देर बाद मैसेज भेजकर बताया गया कि एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कालेज में परीक्षा देनी है, लेकिन बुधवार को रात में मोबाइल पर मैसेज पहुंचा कि बिशप जॉनसन में परीक्षा देनी है। खास यह कि प्रवेश पत्र पर इलाहाबाद पब्लिक स्कूल दर्ज है। वाराणसी की एक छात्रा को भी तीन बार केंद्र बदले जाने का मैसेज पहुंचा है। खास यह कि बुधवार को उसे मैसेज पहुंचा कि उसका परीक्षा केंद्र इलाहाबाद में झलवा के स्कूल में कर दिया गया है। कीडगंज की एक छात्रा का भी यही संकट है। बुधवार को मैसेज में उसे बताया गया कि उसका सेंटर कानपुर में है। इस तरह की शिकायत ज्यादातर अभ्यर्थियों की रही। अब उनके सामने समस्या है कि आखिर वे कहां परीक्षा देने जाएं।