देश की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर ने करछना के कचरी गांव पहुंचकर किसानों का दर्द जाना। वह कचरी अचानक ही पहुंची थी। इस बात की सूचना जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी नहीं हो सकी। पीयूसीएल कार्यकर्ता ओडी सिंह, सीमा आजाद, आजादी बचाओं आंदोलन के मनोज त्यागी, आईपीएफ के राजेश सचान भी उनके साथ रहे। उन्होंने करछना के कचरा, कचरी और देहली भगेसर गांव का दौरा किया।
सानों से उनका हाल जानते हुए उनके आंदोलन में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने राजबहादुर पटेल के आंदोलन की अगुवाई की सराहना की। जबरन प्लांट की दीवार बनाए जाने की निंदा की। किसानों ने बताया कि वह मुआवजा देने को तैयार हैं लेकिन जब डीएम कार्यालय में जब पैसा जमा करने जाते हैं तो डांटकर भगा दिया जाता है। उन्होंने किसानों को पूरी सहायता देने का वायदा किया। मेधा पाटकर इसके पहले 26 सितंबर को पावर प्लांट के दौरे पर आई थी लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अचानक इलाके का दौरा कर किसानों का हौसला बढ़ाया।