फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम खां को झटका: आजम खां को बरी करने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट ने नोटिस जारी की, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 03 Aug 2023 08:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामले में वर्ष 2022 में आजम खां के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस चार्जशीट पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आजम खां को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ आजम खां ने रामपुर की विशेष अदालत (एमपीएमएलए) में अपील दाखिल की थी।
विज्ञापन
आजम खान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण दिए जाने के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां को विशेष अदालत (एमपीएमएलए) रामपुर द्वारा बरी करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर नोटिस जारी की है। साथ ही अधीनस्थ अदालत की पत्रावली तलब की है। अपील की अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने राज्य सरकार की अपील की सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन


मामले में वर्ष 2022 में आजम खां के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस चार्जशीट पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आजम खां को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ आजम खां ने रामपुर की विशेष अदालत (एमपीएमएलए) में अपील दाखिल की थी। एमपीएमएलए अदालत ने दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के फैसले को रद्द कर आजम खां को बरी कर दिया।

यूपी सरकार ने एमपीएमएलए अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आजम खां को नोटिस जारी की है। आज़म खां के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 505(1) बी एवं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत केस कायम किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें