मामले में वर्ष 2022 में आजम खां के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस चार्जशीट पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आजम खां को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ आजम खां ने रामपुर की विशेष अदालत (एमपीएमएलए) में अपील दाखिल की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण दिए जाने के मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां को विशेष अदालत (एमपीएमएलए) रामपुर द्वारा बरी करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर नोटिस जारी की है। साथ ही अधीनस्थ अदालत की पत्रावली तलब की है। अपील की अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने राज्य सरकार की अपील की सुनवाई करते हुए दिया है।
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मामले में वर्ष 2022 में आजम खां के खिलाफ केस दर्ज हुआ। पुलिस चार्जशीट पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आजम खां को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ आजम खां ने रामपुर की विशेष अदालत (एमपीएमएलए) में अपील दाखिल की थी। एमपीएमएलए अदालत ने दाखिल अपील को स्वीकार करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के फैसले को रद्द कर आजम खां को बरी कर दिया।
यूपी सरकार ने एमपीएमएलए अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आजम खां को नोटिस जारी की है। आज़म खां के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 505(1) बी एवं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत केस कायम किया गया है।