दरअसल श्री राम जन्म भूमि तीर्थ न्यास की ओर से पांच अगस्त को मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन की घोषणा के बाद ही तय हो गया था कि प्रयागराज के संगम का जल पूजन के लिए मंगवाया जाएगा। अब जब पांच अगस्त की तिथि नजदीक है तो अयोध्या में होने वाले श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के शिला पूजन कार्यक्रम के लिए विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत ने तय किया है कि उसके पदाधिकारी 11 लीटर संगम का जल एवं वहां की मिट्टी भूमि पूजन के लिए लेकर अयोध्या जाएंगे।
यह जल एवं मिट्टी शिला पूजन के कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। विहिप प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार का कहना है कि श्री राम जन्मभूमि के सारे आंदोलन एवं जागरण का कार्यक्रम तय करने एवं सभी निर्णय संगम के किनारे ही लिए गए हैं। विहिप के संरक्षक रहे अशोक सिंघल एवं दुनिया के सभी पूज्य संतों की इच्छा रही है कि जब मंदिर का निर्माण शुरू हो तो उस समय संगम की जल एवं मिट्टी पूजन के उपयोग में लाई जाए जाए।
इसी वजह से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन का केंद्र रहा अशोक सिंघल जी का आवास महावीर भवन जहां पर जल एवं मिट्टी को रखा जाएगा एवं 30 जुलाई को सुबह अयोध्या के लिए इसे ले जाया जाएगा ।
विहिप का राममंदिर का मॉडल
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