प्रयागराज। 30 सितंबर से प्रदेश भर में होने जा रही लोअर सबऑर्डिनेट परीक्षा में धांधली की कोशिश एसटीएफ ने नाकाम कर दी। उसने ऐसे सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो परीक्षा में सेंध लगाने की तैयारी में था। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1.25 करोड़ के चेक व 42 हजार नगद समेत बड़ी संख्या में इलेक्टिॉनिक डिवाइस बरामद हुई है।
एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की शिकायत पर टीम तलाश में लगी थी। इसी दौरान स्थानीय इकाई को सूचना मिली कि उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 30 सितंबर से आयोजित कराई जा रही ‘लोअर सबऑर्डिनट’ परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश में जुटे गिरोह के सदस्य शिवकुटी के आलू गोदाम तिराहा, तेलियरगंज के पास हैं। इस पर निरीक्षक केशव चंद राय व निरीक्षक अतुल कुमार सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंचे तो लाल रंग की ब्रेजा कार में पांच संदिग्ध दिखे। तलाशी में इनके पास से 1.25 करोड़ के चेक के अलावा 42100 हजार नगद मिले। साथ ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, फर्जी मुहरें, सैकड़ोें अभ्यर्थियों के मार्कशीट-प्रमाणपत्र, एडमिट कार्ड, 10 मोबाइल समेत अन्य सामान बरामद हुए। हिरासत में लेकर इनसे पूछताछ की गई तो इन्होंने बताया कि वह मोटी रकम लेकर भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को नकल कराने का ठेका लेते हैं। जिसके बाद पांचों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डिवाइसयुक्त शर्ट से कराते थे नकल
सबसे खास बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से सात इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसयुक्त शर्ट बरामद हुई हैं। इन्हें अभ्यर्थियों को देकर उन्हें हाईटेक तरीके से नकल कराई जाती थी। एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि इन शर्ट्स के माध्यम से एक बार में 50 अभ्यर्थियों को फोन के जरिए नकल कराई जा सकती है। डिवाइसयुक्त इस प्रकार की एक शर्ट की कीमत लगभग 10 हजार रुपये है, जो दिल्ली से मंगाई जाती है।
दीवान का बेटा भी था शामिल
एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार पांच आरोपियों में से एक अरुण कुमार यादव पुलिसकर्मी का बेटा है। उसका पिता मदन जी यादव सिविल लाइंस थाने में बतौर मुंशी तैनात है। खास बात यह है कि एक दिन पहले संदिग्ध हालात में वह लापता हो गया था। जिसके बाद परिजनों ने खुल्दाबाद थाने में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। पटना से सॉल्वर बुलाने का काम इसी के जिम्मे था।
लाखों अभ्यर्थी होते हैं शामिल
लोअर सबॉर्डिनेट परीक्षा में प्रदेश भर के लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं। अब तक यह परीक्षा उप्र लोकसेवा की ओर से आयोजित कराई जाती थी। लेकिन यह पहली बार है जब इस परीक्षा की जिम्मेदारी उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को सौंपी गई है। इस परीक्षा के जरिए असिस्टेंट कंसोलिडेशन ऑफीसर, मार्केटिंग इंस्पेक्टर, सप्लाई इंस्पेक्टर, एडीशनल डिस्ट्रिक्ट इनफॉर्मेशन अफसर, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत समेत कई पदों पर भर्ती होनी है।