इसकेबाद इसी टीम ने तिरंगा चौराहे के पास पहुंचकर एक घर के सदस्यों व दुकान संचालक से पूछताछ की। उन्हें कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाईं और उनके बारे में पूछताछ की। इसकेबाद कुछ दूर पर रहने वाले उबैदुर को हिरासत में ले लिया। करीब एक घंटे तक पूछताछ के बाद टीम फिर से वसीहाबाद स्थित मदरसा संचालक के घर आ गई। जांच पड़ताल के दौरान ही टीम ने मदरसे में भी तलाशी ली। बगल में ही रहने वाले मदरसा संचालक के घर पहुंचकर भी पूछताछ की।
अचानक बढ़ी हलचल, टीम पहुंची करेली
मदरसा संचालक मुफ्ती से घंटों जांच पड़ताल के बाद दोपहर में अचानक वसीहाबाद में हलचल तेज हो गई। जिसके बाद एटीएस की टीम के कुछ सदस्य करेली के सी ब्लॉक में पहुंच गए। वहां पहुंचकर टीम जीशान के घर पहुंची और पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया। सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में उससे मिली जानकारी के आधार पर ही टीम उसे लेकर नैनी के लिए रवाना हो गई। जहां डांडी में पहुंचकर मकसूराबाद मोहल्ले में स्थित पोल्ट्री फार्म से आईईडी डिवाइस व अन्य चीजें बरामद की।
बीडीडीएस की टीम ने की डिवाइस की जांच
आईईडी डिवाइस मिलने के बाद मौके पर बीडीडीएस (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वायड) की टीम भी बुलाई गई। टीम ने मौकेपर पहुंचकर डिवाइस की पड़ताल की। साथ ही उसके सारे कनेक्टर भी निष्क्रिय कर दिए। मौके से मिले अन्य सामान की भी जांच की। बीडीडीएस टीम की जांच के बाद एटीएस जीशान व मौके से मिले अन्य सामान लेकर रात आठ बजे के करीब दिल्ली के लिए रवाना हो गई। इससे पहले डिवाइस बरामद होने की जानकारी पर एटीएस के आला अफसर भी मौकेपर पहुंचे।
पुलिस को भी एटीएस के आने के बाद दी जानकारी
आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया। हाल यह रहा कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगने दी गई। यहां तक कि एटीएस के शहर में आने के बाद ही स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। कार्रवाई के दौरान भी पुलिस को जांचस्थल से दूर ही रखा गया। हाल यह रहा कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को भीतर आने से भी मना कर दिया गया था। नाम न छापने की शर्त पर कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्हें सिर्फ यह बताया जाता रहा कि अब फलां जगह चलना है। इसके अलावा अन्य कोई भी जानकारी उनसे साझा नहीं की गई।