अतीक अहमद के परिवार के लिए अप्रैल का महीना अशुभ साबित हुआ। इसी महीने में अतीक का वर्चस्व छोड़िये सब कुछ खत्म हो गया। अतीक की हत्या के बाद अब उसके लिए कोई रोने वाला भी नहीं बचा। उसके दोनों बड़े बेटे जेल में है। तीसरे का एनकाउंटर हो गया। दोनों नाबालिग बेटे पुलिस की सुरक्षा में बाल सुधार गृह में हैं। पत्नी फरार है। अशरफ की पत्नी भी आरोपी होकर फरार हो गई थी। जो बहन पैरवी कर रही थी, वह भी फरार है।
24 फरवरी को जब उमेश पाल की हत्या हुई तो किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि दो महीने के अंदर ही अतीक का सर्वनाश हो जाएगा। फरवरी और मार्च को किसी तरह कट गया। अप्रैल में अतीक के अंत की शुरूआत हो गई थी। अप्रैल में भी 14 अप्रैल से लेकर 16 अप्रैल की रात तक सब कुछ खत्म हो गया। सबसे पहले अतीक के तीसरे नंबर के बेटे असद का पुलिस ने झांसी में एनकाउंटर कर दिया गया। इसी दिन अतीक और उसके भाई की कस्टडी रिमांड पुलिस को मिल गई थी।