माफिया अतीक का रौब
चकिया कसारी मसारी स्थित अपने आलीशान बंगले से अतीक अहमद का काफिला जब गुजरता था, तो रोड खाली हो जाती थी। सड़क के किनारे खड़े लोगों की हिम्मत नहीं होती थी, कि वह भाई से निगाह मिला सकें। खुद अपनी लग्जरी गाड़ी में ड्राइवर की बगल वाली सीट पर हाथ में मोबाइल लिए अतीक अहमद बैठा होता था। इसके अलावा तीन गाड़ियां असलहे धारियों की होती थी। 90 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक स्पीड पर यह गाड़ियां मेन सड़क पर हवा से बातें करती थी।
कानूनी दावं पेंच में माहिर
अतीक अहमद को कानून से बचने के सारे दांव पेंच आते थे। प्रॉपर्टी से लेकर लग्जरी गाड़ियां तक उसने अपने गुर्गों पर सगे संबंधियों के नाम ले रखी थी। सैकड़ों मुकदमों में फंसे अतीक अहमद को 2023 से पहले किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सका था। यहां तक कि मायावती की सरकार के समय व जेल गया और बाहर आ गया। वहीं 2016 के बाद से उसका बुरा वक्त शुरू हो गया।
जो नंबर आरटीओ कार्यालय के पोर्टल पर नहीं दिख रहे हैं, हमारे यहां दर्ज नहीं है। - राजीव चतुर्वेदी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी,