16 अप्रैल को सुबह ही पुलिस होटल पहुंच गई थी। कमरा नंबर 203 की तलाशी के बाद पुलिस वालों ने तीनों के बारे में होटल स्टाफ से पूछताछ की। दो दिन के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इसके साथ ही पुलिस डीवीआर और बुकिंग के सारे रिकार्ड उठा ले गई थी। इसके बाद भी पुलिस अधिकारियों ने कई बार होटल पहुंचकर पूछताछ की। कातिलों के होटल स्टे इन में ठहरने की खबर लीक होने के बाद शनिवार को वहां मीडिया का भारी जमावड़ा हो गया।
होटल मैनेजर से पूछा गया कि कातिलों ने अपनी आईडी से बुकिंग कराई थी कि फेक आईडी से? उसका कहना था कि उसे याद नहीं है। सारा रिकार्ड पुलिस के पास है। इतना जरूरी है कि बिना आईडी के किसी को ठहरने की इजाजत नहीं होती। मैनेजर मोहित ने कई तरह की बातें कीं। उसने बताया कि हत्याकांड के बाद भी दो ग्राहकों को वह कमरा दिया गया था। कमरे की सफाई में भी वहां कुछ नहीं था। उसने कहा कि पुलिस ने कमरे से क्या बरामद किया, होटल स्टाफ को नहीं बताया गया।
होटल स्टाफ ने बताया कि वीडियो देखकर पहचान गए थे तीनों को
स्टे इन होटल के एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रात में जब अतीक अशरफ की हत्या के वीडियो वायरल हो गए थे। होटल स्टाफ उन लड़कों को पहचान गया था लेकिन, सभी बुरी तरह से डर गए थे। इस कारण पुलिस को कुछ नहीं बताया गया। कुछ घंटों के बाद तड़के फोर्स होटल पहुंच गई और सारा रिकार्ड उठा ले गई।