तारामंडल के निदेशक ने बताया कि बृहस्पति ग्रह को देखने का अच्छा मौका है, क्योंकि पास रहने से यह अपेक्षाकृत बड़ा और माइनस 2.9 मैग्नीट्यूड से चमकदार दिखेगा। बृहस्पति ग्रह सूरज के चारों ओर 12 वर्ष में एक चक्कर लगाता है। हर 13 महीने बाद पृथ्वी और बृहस्पति ग्रह एक रेखा में होते है।
बृहस्पति की दूरी सूरज से पांच एस्ट्रोनॉमिकल युनिट (एयू) की दूरी पर है। जब बृहस्पति पृथ्वी से काफी दूर रहता है, तो दोनों के बीच छह एयू की दूरी पर होता है। जब पृथ्वी के पास होता है तो चार एयू की दूरी पर होता है। शाम के समय यह खाली आंखों से ही देखा जा सकता है। साथ ही यह सुबह 10:25 बजे पृथ्वी से एक ओर सूर्य और दूसरी तरफ बृहस्पति ग्रह विपरीत होगा। यह ग्रह मेष राशि में सूर्यास्त के बाद दिखाई देगा।