फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : अशरफ के साले ने नहीं दिया बयान, निरस्त होगी अग्रिम जमानत

Wed, 28 Feb 2024 04:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले जैद सहित तीनों को 20 दिसंबर को बयान दर्ज करने के लिए  नोटिस जारी किया गया था। इन्होंने अब तक बयान नहीं दर्ज कराया है। ऐसे में इनकी अग्रिम जमानत निरस्त कराई जाएगी। पुलिस ने इसके लिए लिखापढ़ी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

50 करोड़ की वक्फ संपत्ति कब्जा कर बेचने के आरोपी माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले जैद ने दो महीने बाद भी बयान नहीं दर्ज कराया। हिस्ट्रीशीटर ग्राम प्रधान और एक अन्य आरोपी भी पुलिस को चकमा दे रहे हैं। पुलिस अब तीनों की अग्रिम जमानत निरस्त कराने में जुट गई है। इस मामले में कुल सात आरोपियों में से तीन को अग्रिम जमानत मिली है। इनमें जैद के साथ हिस्ट्रीशीटर ग्राम प्रधान शिवली और तारिक शामिल हैं।

विज्ञापन


पुलिस सूत्रों के मुताबिक तीनों को 20 दिसंबर को बयान दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इन्होंने अब तक बयान नहीं दर्ज कराया है। ऐसे में इनकी अग्रिम जमानत निरस्त कराई जाएगी। पुलिस ने इसके लिए लिखापढ़ी शुरू कर दी है।

वक्फ की 50 करोड़ की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर बेचने में कुल सात आरोपियों पर 18 नवंबर 2023 को केस दर्ज हुआ था। इनमें अशरफ की पत्नी जैनब, उसका भाई जैद, सद्दाम, हटवा गांव का रहने वाला हिस्ट्रीशीटर प्रधान सिवली, उसका साथी तारिक, मुतवल्ली असियम और उसकी पत्नी जिन्नत को आरोपी बनाया गया है। मुकदमा केयरटेकर माबूद अहमद ने दर्ज कराया है। आरोपियों में से सद्दाम पहले से जेल में बंद है, जबकि जैनब, मुतवल्ली और उसकी पत्नी फरार हैं। पूरामुफ्ती थाना प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दुकानें बनवाकर जैनब वसूलती थी लाखों किराया

वक्फ की इसी संपत्ति पर अशरफ की पत्नी जैनब दुकानें बनवाकर लाखों किराया वसूलती थी। उसने इसी संपत्ति पर एक आलीशान मकान भी बनवाया था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद इसी मकान में वह रहने लगी थी। चार दिसंबर को इस मकान को पुलिस ने कुर्क किया था।

नहीं घोषित कराया गया इनाम

फरार आरोपियों पर अब तक जो कार्रवाई हुई है, उस पर भी सवाल भी खड़े हो रहे हैं। मुकदमा दर्ज हुए तीन माह बीत गए और अब तक फरार आरोपियों पर इनाम तक नहीं घोषित किया गया है, न ही उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जा सका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें