अर्जुन अवार्डी सुजीत कुमार ने कहा कि मेजर ध्यानचंद वह शख्सियत हैं, जिन्हें खेल की समझ नहीं रखने वाला भी जानता है। ध्यानचंद को भारत रत्न मिलना खिलाड़ियों, खेल भावना, खेल प्रेमियों और हॉकी के लोगों का सम्मान होगा। सुजीत कुमार ने कर्नलगंज इंटर कॉलेज और इलाहाबाद विश्वविद्यालय मैदान पर हॉकी खेलने के दिनों को भी याद किया।
प्रयागराज में ध्यानचंद के जन्म के संबंध में सवाल पर अशोक ध्यानचंद ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि उनके पिता किस मोहल्ले या घर में जन्मे थे, लेकिन प्रयाग की पावन धरती में जन्म लेना गौरव की बात है। अध्यात्म की इस धरती से उनका जुड़ाव ही काफी है। यहां आकर बड़ी प्रसन्नता होती है।