मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं आगे चलकर नई तकनीकी का फायदा उठाते हुए विश्वस्तरीय कॉलेजों में प्रवेश ले सकें, इसके लिए उन्हें शुरू से ही एआई की शिक्षा दिए जाने का निर्णय किया गया है। अब अन्य शैक्षिक बोर्ड से कदम ताल मिलाते हुए मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ में एआई कोर्स को शामिल किया गया है।
जिले के सभी अनुदानित/मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) की शिक्षा दी जाएगी। यह पहल अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने की है।
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मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं आगे चलकर नई तकनीकी का फायदा उठाते हुए विश्वस्तरीय कॉलेजों में प्रवेश ले सकें, इसके लिए उन्हें शुरू से ही एआई की शिक्षा दिए जाने का निर्णय किया गया है। अब अन्य शैक्षिक बोर्ड से कदम ताल मिलाते हुए मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ में एआई कोर्स को शामिल किया गया है।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय का मानना है कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों के पाठ्यक्रम में एआई को शामिल करने से उनकी बौद्धिक एवं तार्किक क्षमता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही आगे की शिक्षा और रोजगार के लिए नए रास्ते खुलेंगे। हालांकि, बच्चों को शिक्षा देने से पहले मदरसों के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कृष्ण मुरारी के अनुसार मदरसा अध्यापकों को एआई का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था कर ली गई है। इसकी जानकारी देने के लिए विषय विशेषज्ञों के सहयोग से 22 वीडियो बनाए गए हैं। इनके माध्यम से मदरसा शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा और इसके बाद शिक्षक बच्चों को एआई की शिक्षा देंगे।