इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप सचिव उत्तर प्रदेश प्रशासन से पूछा है कि राज्य व जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति के लिए क्या नियम 6के तहत चयन कमेटी का गठन किया गया है? क्या कमेटी ने आवेदनों की शार्टलिस्टिंग की प्रक्त्रिस्या तय की है और किस प्राधिकारी के कहने पर इस बार लिखित परीक्षा लिए जाने का उपबंध किया गया है?
कोर्ट ने हलफनामा 20 सितंबर तक दाखिल करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने अधिवक्ता सीमा मिश्रा की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
याची का कहना है कि उपभोक्ता संरक्षण कानून में सरकार को नियम व चयन प्रक्रिया तय करने का अधिकार है। जिसके तहत 2020 की नियमावली तैयार की गई है। नियमावली के तहत उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्त्रिस्या निर्धारित है। जिसमें लिखित परीक्षा लेने का नियम नहीं है। राज्य सरकार ने 12 मई 21 की अधिसूचना के तहत 23 जून 21 को विज्ञापन निकाला है। चयन समिति में मुख्य न्यायाधीश या नामित हाईकोर्ट जज अध्यक्ष, उपभोक्ता मामलों के सचिव व मुख्य सचिव के नामित दो सदस्य होंगे। आवेदनों की सूची कमेटी को सौंपी जायेगी और कमेटी योग्यता के आधार पर शार्ट लिस्ट करेगी। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी।
उप सचिव ने जो जानकारी दी उसमें मांगी गई कोई जानकारी नहीं है। उठाये सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। इस पर कोर्ट ने उप सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर मांगी गई जानकारी देने का निर्देश दिया है। सुनवाई 20 सितंबर को होगी।