चप्पे-चप्पे पर रहेगी सीसीटीवी कैमरे की नजर
प्रयागराज शहर के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर 180 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महाकुंभ-2025 का मेला हेल्पलाइन नंबर 1920 पचास लाइनों की क्षमता वाला होगा। इसके अलावा पूरे शहर की 268 लोकेशन पर नजर रखने के लिए पहले से स्थापित 1107 कैमरों को कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया जाएगा।
12 किलोमीटर लंबे होंगे घाट
महाकुंभ मेला क्षेत्र 4000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगा और घाट की लंबाई 12 किलोमीटर होगी। पार्किंग क्षेत्र 1800 हेक्टेयर में बनाया जाएगा। टेंट में ठहरने के लिए 25,000 बेड्स की व्यवस्था की जाएगी। टेंट जर्मन हैंगर पर आधारित होंगे। गंगा पंडाल 10,000 व्यक्तियों की क्षमता का होगा। 250 मेला सर्किट हाउस कैंप बनाए जाएंगे। 9800 स्वच्छता कर्मी तथा 1800 सेनिटेशन स्वयंसेवक कार्य करेंगे। मेला में 30 पांटून पुल का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त महाकुंभ के लिए 116052 चकर्ड प्लेट आपूर्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।
सौंदर्यीकरण के लिए 49.91 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर
बैठक में सिविल एयरपोर्ट रोड से कालिंदीपुरम तिराहे के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 49.91 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी के कारण 30 पुलों के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसी क्रम में मेला प्राधिकरण कार्यालय भवन के विस्तारीकरण एवं मरम्मत के कार्य भी कराए जाएंगे। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, डीएम नवनीत चहल आदि अफसर शामिल हुए।
कई सड़कों का होगा चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण
प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा जीटी रोड से कनिहार मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा नगर निगम द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं में अरैल रोड लोकपुर तिराहे से सोमेश्वर मंदिर तक, मिर्जापुर रोड एडीए चौराहा नैनी से मवैया तिराहे तक, पुराने यमुना पुल से महेवा गेट तक, रीवा रोड मामा भांजा तालाब चौराहे से एफसीआई रोड फ्लाईओवर तक और अन्य कई मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था के कार्यों को भी स्वीकृति दी गई।
सुधारी जाएंगी ये सड़कें
- दारागंज में पुरानी जीटी रोड से बक्शी बांध तक (फुलवरिया रोड)
- बाई का बाग सेवा समिति रोड का जीटी रोड से लाउदर रोड तक
- रामबाग लेबर चौराहे से रामबाग स्टेशन होते हुए साउथ मलाका डाटपुल तक
- चर्चलेन से कुन्दन गेस्ट हाउस होते हुए संगम पेट्रोल पंप तक
इस बार मेले में बसेंगी दस हजार संस्थाएं
महाकुंभ मेले में इस बार दस हजार संस्थाओं को चार हजार हेक्टेयर में बसाए जाने का प्रस्ताव है। पिछली बार कुंभ में इनकी संख्या तकरीबन छह हजार के आसपास थी।