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राकेश टिकैत बोले : सरकार के बिजली और खाद, बीज, दूध के बिल का भी होगा विरोध

Mon, 17 Jan 2022 07:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

माघ मेले में आयोजित चिंतन शिविर में दूसरे दिन भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत गुट के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार के द्वारा लाए जा रहे किसान विरोधी बिल का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने लखीमपुर खीरी जाएंगे। वादे के मुताबिक सरकार ने अभी तक परिजनों को 10-10 लाख रुपये नहीं दिए हैं।
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Prayagraj News : माघ मेले में आयोजित भारतीय किसान यूनियन के चिंतन शिविर में पहुंचे राकेश टिकैत। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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किसानों का आंदोलन अभी थमता नहीं दिख रहा। अब उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और धान खरीद सुनिश्चित करने के साथ बिजली, डेयरी, बीज, खाद पर प्रस्तावित बिल आदि मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।

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भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट की ओर से माघ मेला क्षेत्र में आयोजित सम्मेलन के दूसरे दिन सोमवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इन मुद्दों को लेकर आगामी छह महीने में होने वाले आंदोलनों पर चर्चा हुई। मंगलवार को भी कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन के स्वरूप, तारीखें समेत अन्य कई प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

भाकियू के सम्मेलन में शामिल होने के लिए रविवार को ही राकेश टिकैत माघ मेला में लगे शिविर पहुंच गए थे। पहले दिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि यूनियन विधानसभा चुनाव में किसी का समर्थन नहीं करेगी और न ही विरोध लेकिन चुनाव बाद एक बार फिर किसानों के मु्द्दों पर बड़ा आंदोलन होगा।
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इसी क्रम में सोमवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में किसानों के मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें एमएसपी का मुद्दा तो प्रमुख रहा ही, धान खरीद नहीं होने की समस्या भी किसानों ने उठाई। राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार बिजली संसोधन के अलावा खाद, बीज, दूध पर भी बिल लाने जा रही है।

इससे किसानाें का हक छिन जाएगा। इसलिए इसका विरोध किया जाएगा। इसे लेकर आंदोलन के स्वरूप, तारीखों आदि पर भी चर्चा हुई। बैठक में संगठन के विस्तार तथा सदस्या अभियान चलाए जाने पर भी चर्चा हुई।

Prayagraj News : माघ मेले में आयोजित भारतीय किसान यूनियन के चिंतन शिविर में पहुंचे राकेश टिकैत। - फोटो : प्रयागराज
कोविड की वजह से महापंचायत नहीं
भाकियू के सम्मेलन में हर वर्ष आखिरी दिन महापंचायत का आयोजन होता रहा है। इसके लिए मंच भी सजता रहा तथा वरिष्ठ नेता किसानों को संबोधित करते थे। महापंचायत में ही बैठकों में हुए निर्णयों की बाबत प्रस्ताव पारित होते रहे हैं लेकिन इस बार महापंचायता का आयोजन नहीं होगा।
 
कोविड संक्रमण के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके बजाय मंगलवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का निर्णय लिया गया है जिसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा के साथ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।

22 को लखीमपुर खीरी जाएंगे टिकैत
भाकियू नेता राकेश टिकैत 22, 23 और 24 जनवरी को लखीमपुर खीरी में होंगे। उनके साथ संयुक्त किसान मोर्चा के नौ अन्य नेता भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान वह आंदोलन के दौरान मृत किसानों के परिजनों तथा घायलों से वार्ता करेंगे। जेल में बंद किसानों से भी मिलेंगे तथा उनकी स्थिति के बारे में जानेंगे।
 
साथ ही वह प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिलकर आरोपी भाजपा नेता अजय मिश्र टेनी की गिरफ्तारी समेत अन्य मांगों को पूरा करवाने के लिए दबाव बनाएंगे। राकेश टिकैत का कहना है कि घायलों को 10-10 लाख रुपये देने पर समझौता हुआ था लेकिन अब तक किसी को आर्थिक मदद नहीं मिली। अफसरों से इस बारे में भी बात की जाएगी।

राकेश टिकैत की अगुवाई में लखीमपुर खीरी जाने वाली टीम पीड़ित परिवारों, जेल में बंद किसानों तथा अफसरों से वार्ता की बाबत रिपोर्ट तैयार कर संयुक्त किसान मोर्चा को सौंपेंगी। मोर्चा की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
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ढाई महीने हिंदू, मुस्लिम और जिन्ना का रहेगा बसेरा
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने विधानसभा चुनाव में किसी तरह के हस्तक्षेप से इंकार किया। उनका कहना है कि चुनावी राज्यों में अब ढाई महीने तक हिंदू, मुस्लिम और जिन्ना का बसेरा रहेगा।

इस लड़ाई में किसानों के लिए भूमिका तलाशने की गुंजाइश नहीं है। इसके अलावा किसानों को पता है कि उन्हें किसे वोट देना है। किसी को कुछ बताने की जरूरत नहीं है।
 
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत की ओर से सपा एवं रालोद प्रत्याशी को समर्थन दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी दल को समर्थन नहीं दिया गया है।

यदि कोई आशीर्वाद मांगने आएगा तो उसकी पीठ थपथपाई ही जाएगी, चाहे वह किसी दल का उम्मीदवार क्यों न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनियन के किसी नेता ने किसी दल के समर्थन की बात नहीं की है।
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