आजादी के अमृत महोत्सव को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा अनूठे अंदाज में मनाया जाएगा। इसकी रूपरेखा संघ पदाधिकारियों ने सोमवार को बनाई। संघ पदाधिकारियों ने तय किया अमृत महोत्सव के तहत प्रयाग विभाग में व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत हर गांव और हर बस्ती में भारत माता पूजन एवं महाआरती आयोजित होगी। इस दौरान जगह-जगह से रथ यात्रा निकलेंगी और एक साथ एक लाख लोग मिलकर वंदे मातरम गीत गाएंगे।
मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्रीतमदास मेहता प्रेक्षागृह में हुई संघ विचार परिवार की बैठक में क्षेत्र प्रचारक अनिल की अध्यक्षता में अमृत महोत्सव मनाए जाने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान संघ की ओर से स्वाधीनता अमृत महोत्सव समिति का गठन किया गया। तय हुआ कि महारानी लक्ष्मी बाई की जयंती के अवसर पर 14 नवंबर से इस अभियान की शुरूआत होगी।
अमृत महोत्सव के माध्यम से लोगों को देश के गौरवशाली अतीत से अवगत कराए जाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान ऐसे ऐतिहासिक स्थल जिनका स्वाधीनता संघर्ष से विशेष संबंध रहा है उनके बारे में भी लोगों को जानकारी दी जाएगी। इतिहास बताने के लिए कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर अलख जगायेंगे।
एक शाम शहीदों के नाम, हर परिवार से 111 दीपक लाने का आग्रह
क्षेत्र प्रचारक ने कहा कि देशभक्ति का ज्वार जगाना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम भी चंद्रशेखर आजाद पार्क में होगा। इसमें हर परिवार से लोग 111 दीपक लेकर शामिल होंगे। अमृत महोत्सव के दौरान सभी लोग वंदे मातरम से ही एक दूसरे का अभिवादन करेंगे। महोत्सव के दौरान प्रयागराज में 500 जनसभाएं करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन सभी आयोजनों की तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी।
अभियान से जोड़े जाएंगे एक लाख छात्र
इस अभियान से छात्रों को भी जोड़ा जाएगा। शिक्षा समूह की ओर से एक लाख छात्रों को अलग-अलग प्रतियोगिताओं के माध्यम से इस कार्यक्रम में जुड़ने का अवसर दिया जाएगा। बैैठक में यह भी तय किया गया की 16 दिसंबर को भारतीय सेना द्वारा मनाए जाने वाले विजय दिवस पर इस बार गांव स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस अवसर पर काशी प्रांत के प्रांत संघचालक डा. विश्वनाथ लाल निगम, सह प्रांत कार्यवाह डा. राज बिहारी, मुनीष, डा. मुरार जी त्रिपाठी, शिवकुमार, डा. पीयूष, संजीव आदि मौजूद रहे।