prayagraj news : डॉ. वीके सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने अपना प्रत्याशी घोषित किया।
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इसी वजह से 20 जून के बाद से ही प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, सांसद केशरी देवी पटेल, विधायक विक्रमाजीत मौर्य, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में चुनाव जीतने की लगातार रणनीति बनाने में जुट गए। डिप्टी सीएम को भी हर रोज यहां से रिपोर्ट भेजी जाती रही। इस दौरान एक खास रणनीति के तहत सबसे पहले रेखा सिंह जो इस बार भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदार मानी जा रही थी, उनसे पार्टी नेताओं ने वार्ता की। चर्चा है कि डिप्टी सीएम से भी रेखा सिंह के पति अशोक सिंह की फोन पर वार्ता हुई।
prayagraj news : जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद समर्थकों से घिरे डॉ. वीके सिंह।
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इस वार्ता के बाद ही रेखा सिंह ने डा. वीके सिंह के प्रस्तावक बनने का एलान कर दिया। यह भी कहा कि उनके साथ जो 12 से 14 पंचायत सदस्य हैं, वह भी अब डा. वीके सिंह के ही साथ हैं। फिलहाल शनिवार को मिली जीत के बाद तमाम भाजपाइयों का यही कहना था कि चुनावी जंग के मैन ऑफ द सीरीज डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ही हैं। पूर्व विधायक दीपक पटेल का कहना है कि डिप्टी सीएम की कर्मस्थली और जन्मभूमि दोनों ही स्थानों पर जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी ने जीता है। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उधर डिप्टी सीएम ने भी ट्वीट कर जीत की बधाई दी है।
गंगापार के मुकाबले यमुनापार में आई ज्यादा समस्या
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए डा. वीके सिंह को इस पद के लिए प्रत्याशी बनाए जाने के पूर्व ही बहुत से भाजपाई यह मानकर चल रहे थे कि उन्हें ही पार्टी अपना प्रत्याशी बनाएगी। इसी वजह से पार्टी ने गंगापार में वीके सिंह के समर्थन में पहले से ही पंचायत सदस्यों से समर्थन जुटाना शुरू कर दिया। इसका असर यह रहा कि जब वीके सिंह पार्टी प्रत्याशी घोषित हुए तो गंगापार में पंचायत सदस्यों से समर्थन हासिल करने में ज्यादा मुश्किलें नहीं आई, जबकि यमुनापार में पार्टी नेताओं को काफी मेहनत करनी पड़ी।