अल्लापुर इलाके में हर तरफ गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से सीवर लाइन बिछाने के लिए की जा रही गहरी खोदाई मुसीबत बन गई है। 80 फीट रोड, मटियारा रोड, पुलिस बूथ से नेता चौराहे तक आना जाना बंद है। किसी तरह पैदल और दोपहिया वाहन सवार जान जोखिम में डालकर चलते दिखते हैं। जगह-जगह लगे मिट्टी के ढेर और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण कई प्रमुख रास्ते बंद हैं।
अल्लापुर में 80 फीट रोड पर खोदाई का काम पिछले वर्ष से ही चल रहा है। माघ मेला के दौरान यहां कमिश्नर के निर्देश पर काम बंद कर दिया गया था। फरवरी में काम शुरू कर मार्च तक समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मौजूदा समय में हाल यह है कि 80 फीट रोड गहरी खोदाई के कारण पूरी तरह बंद है। अब पुलिस बूथ से नेता जी सुभाष मार्ग पर काम चल रहा है। दो दिन पहले मटियारा रोड पर भी खोदाई शुरू करा दी गई। इसे अल्लापुर इलाके के बड़े हिस्से में कार से चलने वालों की मुसीबत हो गई है। इस रास्तों पर मिट्टी के ढेर और गड्ढों के कारण पैदल या दोपहिया वाहनों से चलना भी मुश्किल हो रहा है।
मटियारा रोड पर पानी टंकी के आगे बीओबी शाखा के पास से चौराहे तक की जा रही खोदाई मुसीबत बनी है। किदवई नगर की सड़कें फिर खोदी जा रही हैं। कहीं 15 तो कहीं 10 से 12 फीट की खोदाई का काम स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बना है। इस बीच पाइप लाइन में लीकेज की दो बड़ी घटनाओं से न तो लोगों के पानी मिल पा रहा है और न ही गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई काम करा पा रही है। मौजूदा स्थिति इस तरह की है कि इन मोहल्लों में अप्रैल तक काम पूरा हो जाए तो गनीमत है।
स्थानीय लोगों की परेशानी देख सर्वदलीय पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जल निगम के मुख्य अभियंता जीसी दुबे से मुलाकात कर अल्लापुर की स्थिति के बारे में बताया। आरोप लगाया कि पेटी ठेकेदारों के काम करने से मानक के मुताबिक कार्य की गुणवत्ता नहीं है। बिना सुरक्षा कवच के यानि फ्रेम लगाए बगैर खोदाई और पाइप लगाने से मिट्टी दरक रही है। यह किसी भी समय खतरे का बड़ा कारण हो सकती है। मुख्य अभियंता ने महाप्रबंधक को कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनिधिमंडल में शिवसेवक सिंह, कमलेश सिंह, आनंद घिल्डियाल आदि शामिल रहे।
दस से 12 फीट की खोदाई में पानी निकल आता है। पाइप लाइन का लीकेज काम पूरा करने में बड़ी बाधा है। फिलहाल 31 मार्च नहीं अल्लापुर इलाके का काम अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। मो. लुकमान खान, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई
जानसेनगंज चौराहे पर आठ दिन पहले शुरू किया गया काम शुक्रवार तक भी समाप्त नहीं हो सका, जबकि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक पीके अग्रवाल ने इस काम को 23 मार्च की रात तक पूरा करने का निर्देश दिया था। अब यहां तीन से चार दिन और काम किया जाएगा। बीच चौराहे पर काम होने से सुबह से शाम तक लगने वाला जाम शहरियों के लिए मुसीबत बना है। बृहस्पतिवार की रात चौराहे के चौक छोर पर लीकेज की समस्या हो गई। प्रोजेक्ट मैनेजर काम में देरी होने का कारण इसी को बता रहे हैं। अब पानी निकाल कर लीकेज दुरुस्त किया जा रहा है। ऐसे में शहरियों को जानसेनगंज चौराहे की तरफ जाने पर तीन से चार दिन और जाम की परेशानी से जूझना पड़ेगा।
जानसेनगंज चौराहे पर सिर्फ बीस मीटर पाइप डालने का काम बाकी है। तैयारी थी कि शुक्रवार तक काम समाप्त कर लिया जाएगा। इस बीच लीकेज के कारण काम रु क गया है। ऐसे में चौराहे पर पाइप जोड़ने के काम में तीन से चार दिन लग सकते हैं।
एके रंजन, प्रोजेक्ट मैनेजर, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई