prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भूगोल विभाग ने देश को इतने आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अफसर दिए, जिनकी गिनती उंगली पर नहीं की जा सकती। विश्वविद्यालय के बारे में कहा जाता है, ‘जितनी शाखाएं उतने पेड़’ और अब नई शाखाओं को पेड़ बनाने की कवायद फिर से शुरू हो गई है। यह जिम्मेदारी संभालेंगे पुराछात्र। विभाग 14 जुलाई से व्याख्यानों की श्रृंखला शुरू करने जा रहा है, जिसमें इसी विभाग के पुराछात्र अपनी बात रखेंगे। ये पुरा छात्र आईएएस, आईपीएस और पीसीएस अफसर बनने के बाद उच्च पदों पर तैनात हैं और व्याख्यान के माध्यम से विभाग के छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित महत्वपूर्ण टिप्स देंगे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग की स्थापना प्रो. रामनाथ दुबे ने 15 नवंबर 1937 को की थी। नवंबर 1946 से इस विभाग में एमए की कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। इस साल नवंबर में एमए की कक्षाओं को संचालित होते 75 वर्ष पूरे हो जाएंगे और इसी उपलक्ष्य में भूगोल विभाग की ओर से नवंबर तक लगातार कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहेगा। 14 जुलाई को पहला व्याख्यान छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी जितेंद्र शुक्ल का होगा। इसी विभाग की छात्रा रहीं और वर्ष 2009 में सिविल सेवा परीक्षा में महिला वर्ग में टॉपर रहीं इवा सहाय ने भी व्याख्यान में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी है। इवा वर्तमान में टिहरी गड़वाल में डीएम हैं।
इसके अलावा यूपी कैडर के आईपीएस अफसर अनिल यादव, दिल्ली में तैनात आईएएस अफसर मनोज पांडेय, सुल्तानपुर के एडीएम हर्षदेव पांडेय समेत भूगोल विभाग के कई पुराछात्रों ने व्याख्यान के लिए अपनी सहमति दरी है। भूगोल के विभागाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी का कहना है कि विभिन्न उच्च पदों पर बैठे भूगोल विभाग के पुरा छात्र व्याख्यान के माध्यम से विभाग के बीए, एमए और शोध के छात्रों को प्रेरित करेंगे। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण टिप्स भी देंगे। इस साल नवंबर तक लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो छात्र-छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।