इविवि में अनशन पर बैठे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जाती पुलिस।
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इलाहाबाद विश्ववविद्यालय (इविवि) में छात्रों को न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ प्रमोट किए जाने और प्रमोशन के रिजल्ट को अनियमित बताकर रिजल्ट संशोधन की मांग को लेकर तीन दिनों से धरना दे रहे एनएसयूआई के छात्रों को पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। शाम चार बजे के आसपास सात छात्रों को पकडक़र पुलिस लाइन ले जाया गया, जहां देर शाम सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
एनएसयूआई के छात्रों ने बुधवार को धरना शुरू किया था। उनकी मांग थी कि सभी छात्रों को न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ प्रमोट किया जाए। इससे पहले भी एनएसयूआई के छात्रों से इस मुद्दे पर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय का घेराव किया था। उस वक्त परीक्षा नियंत्रक ने यह आश्वासन दिया था कि पांच कार्य दिवसों के भीतर इस पर कोई न कोई निर्णय हो जाएगा। हालांकि अगले ही परीक्षा समिति की बैठक में छात्रों की मांग को सिरे से खारिज कर दिया गया और परीक्षा समिति की ओर से कहा गया कि न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ प्रमोशन की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
इसके बाद छात्र फिर से धरने पर बैठ गए। शुक्रवार को धरने का तीसरा दिन था। सुबह परीक्षा नियंत्रक कार्यालय और शाम को कुलपति कार्यालय पर छात्र धरना दे रहे थे। शुक्रवार शाम चार बजे छात्र कुलपति कार्यालय के सामने बैठे गए। कुलपति कार्यालय के मेन गेट के सामने धरने पर बैठने से आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। इस पर पुलिस ने मौके से एनएसयूआई पूर्वी यूपी राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रमुख सत्यम कुशवाहा, महासचिव अजय पांडेय बागी, हरिकेश हैरी, शिवम प्रताप सिंह, मंगला शर्मा, सिद्धांत, विकास पाल को हिरासत में ले लिया। शाम चार बजे के बाद सभी को निजी मुचलके पर छेाड़ा गया।