रेलवे से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरों एवं अन्य वस्तुओं का अब इलाहाबाद में भी दीदार हो सकेगा। इसके लिए लोगों को अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। 160 साल से ज्यादा पुरानी भारतीय रेलवे से जुड़ी सामग्रियां इलाहाबाद स्थित उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) मुख्यालय में भी देखी जा सकेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि एनसीआर प्रशासन इलाहाबाद में रेलवे का हैरिटेज म्यूजियम बनाने जा रहा है। इसे एनसीआर मुख्यालय में ही बनाए जाने की तैयारी है।
सूबेदारगंज स्थित एनसीआर मुख्यालय में आयोजित रेल प्रदर्शनी-2016 के मौके पर महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने अनौपचारिक बातचीत में इलाहाबाद में हैरिटेज म्यूजियम बनाये जाने की बात कही। बता दें कि 1853 में चली पहली रेल के बाद से अब तक भारतीय रेल में काफी बदलाव आ चुका है। दिल्ली स्थित रेल म्यूजियम के अलावा उत्तर मध्य रेलवे जोन से जुड़ी रेलवे की जो पुरानी धरोहर या फोटो हैं, वे अभी तक एक ही स्थान पर संग्रहित नहीं हैं। मंगलवार को एनसीआर मुख्यालय में लगी रेल प्रदर्शनी में इसी की एक झलक देखने को मिली। इसमें आजादी के पहले की इलाहाबाद , कानपुर, आगरा स्टेशन की दुर्लभ तस्वीरें, कुंभ मेले के मौके पर इलाहाबाद स्टेशन पर उमड़ी तीर्थ यात्रियों की भीड़, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अस्थि को लेकर आने वाली विशेष गाड़ी की कानपुर स्टेशन पर तस्वीर, एनसीआर जोन के 100 साल से ज्यादा पुराने पुलों की शुरूआती तस्वीरें आदि प्रमुख रूप से लगाई गई।
महाप्रबंधक ने बताया कि ईस्ट इंडिया रेलवे के इलाहाबाद लोकोशॉप में सन 1882 में स्थापित ईट से निर्मित चिमनी भी हैरिटेज श्रेणी में है। इसे अब संरक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां हैरिटेज म्यूजियम में ऐसी ही दुर्लभ तस्वीरों का संग्रह रहेगा। इसके अलावा रेलवे से जुड़ी कई अन्य पुरानी वस्तुएं भी म्यूजियम की शोभा बढ़ाएंगी। बता दें कि महाप्रबंधक के कक्ष में लगी घड़ी सन 1902 की है।