सद्दाम ने अपना नाम मुश्ताक बताकर उसके मकान में किराये पर रह रहा था। जब किराया मांगा तो मुश्ताक ने अपना असली नाम सद्दाम बताते हुए धमकाया। कहा कि फिर किराया मांगा तो जान से मार देंगे। कुछ दिन बाद सद्दाम कमरे में रखा बैग लेकर फरार हो गया, जिसमें 50 हजार रुपये, पासबुक व आधार कार्ड था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अशरफ के साले अब्दुल समद उर्फ सद्दाम को सशर्त जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने सद्दाम के वकील शादाब अली को सुनकर दिया। बरेली के थाना बारादरी में मोहम्मद हसीन ने सद्दाम के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
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आरोप लगाया है कि सद्दाम ने अपना नाम मुश्ताक बताकर उसके मकान में किराये पर रह रहा था। जब किराया मांगा तो मुश्ताक ने अपना असली नाम सद्दाम बताते हुए धमकाया। कहा कि फिर किराया मांगा तो जान से मार देंगे। कुछ दिन बाद सद्दाम कमरे में रखा बैग लेकर फरार हो गया, जिसमें 50 हजार रुपये, पासबुक व आधार कार्ड था।
याची के वकील ने दलील दी कि आवेदक पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। आवेदक का आठ अन्य मामलों में आपराधिक इतिहास है, लेकिन आठ में से तीन मामलों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है और दो में वह जमानत पर है। सभी कथित अपराध लंबित हैं। आवेदक वर्तमान मामले में 19 फरवरी 2024 से जेल में है। कोर्ट ने दलीलों व तथ्यों को अवलोकन करने के बाद सशर्त जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।