कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह कमेटी सिर्फ एक बार के लिए अपवाद स्वरूप गठित की गई है। कमेटी बार के नियम कायदों के अनुसार काम करेगी और चुनाव कराएगी। दोनों पक्षों की सहमति से आम सभा की बैठक के लिए 18 अक्तूबर की तारीख नियत की गई है। कोर्ट ने स्प्ष्ट किया है कि यह व्यवस्था मात्र इस वर्ष का चुनाव कराने के लिए की गई है तथा भविष्य के लिए इस आदेश को नजीर न बनाया जाए।
चुनाव कार्यक्रम की कोर्ट स्वयं करेगी निगरानी
पीठ ने कहा है कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री हाईकोर्ट परिसर या शहर के किसी भी हिस्से में दीवारों पर न चस्पा या टांगी न जाए। जिस भी प्रत्याशी द्वारा ऐसा करता पाया जाएगा उसका नामांकन रद़द कर दिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया की अदालत स्वयं निगरानी करेगी ताकि अपने निर्देशों का पालन सुनिश्चित कर सके। याचिका पर अगली सुनवाई 15 नवंबर को होगी।
तय चुनाव कार्यक्रम के अनुसार
- 18 अक्तूबर- आम सभा की बैठक
- 27 अक्तूबर- मतदाता सूची का प्रकाशन
- एक नवंबर- आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
- 10 से 12 नवंबर- मतपत्रों की बिक्री और नामांकन
- 17 नवंबर- नाम वापसी
- 18 नवंबर- मतपत्रों की जांच
- 22 नवंबर- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
- एक दिसंबर- मतदान