पिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 506 और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोर्ट में याची की ओर से कहा गया कि उसका अपनी पत्नी से वैवाहिक विवाद चल रहा है। उसकी चार बेटियां हैं और वह चारों की देखभाल अच्छी तरह से करता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता की जमानत खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि एक पिता का यह कृत्य ना केवल चौंकने वाला बल्कि अमानवीय है। यह आदेश जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी ने मथुरा के आरोपी पिता महेंद्र सिंह की जमानत खारिज करते हुए दिया। लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने अपने दिए धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के बयान में अभियोजन कथानक को सही बताते हुए उसका समर्थन किया।
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पिता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 506 और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोर्ट में याची की ओर से कहा गया कि उसका अपनी पत्नी से वैवाहिक विवाद चल रहा है। उसकी चार बेटियां हैं और वह चारों की देखभाल अच्छी तरह से करता है। उसका कहना था की मां के कहने पर यह प्राथमिकी गलत दर्ज कराई गई है। जबकि सरकारी वकील ने जमानत का विरोध किया और कहा कि पीड़िता बेटी ने अपने बयान में इस घटना को सही बताया है ऐसे में जमानत देना उचित न होगा।