कोर्ट ने 10 जुलाई को सुनवाई करते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति से कहा था कि वह जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ के प्राचार्य को टीम बनाकर याची की मेडिकल जांच कराने का निर्देश दें। कोर्ट ने जांच रिपोर्ट 12 जुलाई को पेश करने को कहा था। बुधवार को सुनवाई शुरू हुई, तो सात चिकित्सकों की मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई। पीड़िता सुनने और बोलने में असमर्थ होने के कारण वह अपनी आपबीती किसी को बता नहीं सकती थी। पीड़िता की मां को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई।