सीबीआई के मुताबिक कोली की निशानदेही पर 18 जनवरी 2007 को कोठी नंबर डी-5 के पीछे झाड़ियों से यह कुल्हाड़ी बरामद की गई थी। सीबीआई के वकील ने हाईकोर्ट में दावा किया कि कोली ने सीरियल किलिंग की। नाले की खोदाई में 15 खोपड़ियों के कंकाल भी बरामद किए गए थे। सीबीआई के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि कोली ने कुल्हाड़ी से भी वार किए थे। हालांकि, किसकी हत्या कुल्हाड़ी से की गई थी-किसकी चाकू से, यह भी सीबीआई स्पष्ट नहीं कर पाई।
दस्तावेज बताते हैं कि पुलिस और सीबीआई दोनों ने सारी बरामदगी कोली से ही दिखाई है, पंढेर से कोई बरामदगी नहीं दिखाई गई। हालांकि, 30 दिसंबर 2006 को तत्कालीन सीओ दिनेश यादव ने रिमांड प्रार्थना पत्र में अभियुक्तगणों (यानी एक से अधिक) की निशानदेही पर माल बरामदगी की बात कही है। कोर्ट ने इस पर सवाल किया तो सीबीआई के वकील कोई स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।