विधानसभा चुनाव में राजनीतिक दलों की तैयारी और उठापटक के बीच शहर के व्यापारियों ने भी अपनी रणनीति तय कर ली है। आसन्न चुनाव में किस दल और प्रत्याशी को कारोबारी अपने समर्थन के साथ वोट देंगे, यह उनकी मांग पूरी करने की बात पर निर्भर करेगा। किसने वादे पूरे किए, किसने मुसीबत में साथ दिया और कौन जानकर भी उनकी परेशानी से अनजान बना रहा, यह बातें इस चुनाव में मुद्दा बनेंगी। अमर उजाला कार्यालय में ‘चुनावी परिचर्चा’ के दौरान विभिन्न ट्रेडों के प्रतिष्ठित व्यापारियों ने खुलकर अपनी बात कही। इंस्पेक्टर राज का खात्मा, जीएसटी में जेल भेजने के प्रावधान समेत 32 खामियों में संशोधन, भयमुक्त माहौल, नोटबंदी से हुए नुकसान की भरपाई विकास के साथ पर्यटन को प्रोत्साहन की नीति बनाने की मांग जोरदारी से रखी। दवा कारोबारियों ने तमाम तरह के अंकुश लगाने का विरोध किया। ....मुनेंद्र बाजपेयी की रिपोर्ट
व्यापारी और किसान देश की रीढ़ हैं, सरकार किसी की हो कोई व्यापारी हित नहीं देखता। मुलायम सिंह यादव ने इंस्पेक्टर राज के खात्मे का वादा किया था लेकिन सीएम बने अखिलेश ने इस दिशा में कुछ नहीं किया। जीएसटी देश में अन्य देशों के तुलना में करीब आठ साल बाद लागू हुआ। इसमें 32 खामियां हैं, इन्हें दूर करना होगा। इसे ऑनलाइन न किया जाए। नोटबंदी के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए कारोबारियों को 60 दिन के ब्याज में छूट मिले। विजय अरोरा, अध्यक्ष प्रयाग व्यापार मंडल
इंस्पेक्टर राज में व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है। होटल कारोबार पर 17 विभागों का दखल है। साथ ही नोटबंदी के निर्णय ने इस प्रमुख कारोबार की कमर तोड़ दी है। नोट की कमी का हल्ला देश में ही विदेश में भी है। इस कारण पर्यटक कम हो गए हैं। शादी-विवाह के इस सीजन में काम मंदा है। सुरक्षा की कमी से सभी प्रभावित हैं। पब्लिक को बैंक में जमा अपना धन निकालने की छूट मिले। व्यापारियों की सुनने वाले को ही व्यापारी वोट देंगे। सरदार जोगेंदर सिंह, अध्यक्ष इलाहाबाद होटल एंड रेस्ेटोरेंट एसोसिएशन
भयमुक्त माहौल हो, व्यापारियों का शोषण करने वाले दंडित हों। गुंडाराज के खात्मे का वादा करने वाले दल सरकार बनने पर व्यापारी हित का कोई काम नहीं करते। टिकट वितरण में भेदभाव किया जाता है। चुनाव में कारोबारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला क्षेत्रिय नेता होना चाहिए। नियम- कानून थोपे न जाएं बल्कि एकल खिड़की व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम हो। जीएसटी में जेल जाने वाले प्रावधान का विरोध है। व्यापारियों के हित में काम करने वाले को समर्थन देंगे। अरुण केसरवानी, व्यापारी नेता
राजनीतिक दल टिकट वितरण में व्यापारियों को भी वरीयता दें। कारोबारियों को भयमुक्त माहौल मिले, इस दिशा में काम करने की जरूरत है। डॉक्टर बंसल की हत्या से असुरक्षा की भावना बढ़ी है। चुनाव में व्यापारियों के बारे में खुले मन से सोचने और काम करने वाले को समर्थन दिया जाएगा। लालू मित्तल, दवा कारोबारी
राष्ट्रहित में व्यापरियों का बड़ा योगदान है। सपा के घोषणा पत्र में व्यापारियों का जिक्र तक नहीं है। इससे व्यापरियों में रोष है। व्यापारी सरकार को कई तरह के टैक्स देते हैं। उनके हित में कोई काम नहीं हो रहा। नोटबंदी के दौरान बैंकों में जो धनराशि जमा हुई, उसके बदले व्यापारियों को कम ब्याज दर पर ऋण दिया जाए, ताकि वह तरक्की कर सकें। मोहम्मद कादिर, पटाखा कारोबारी
चुनाव जीतने के बाद राजनीति पार्टियों का चरित्र बदल जाता है। व्यापारी किस पर भरोसा करे, यह बड़ा सवाल है। राजनीतिक दल नहीं सोचेंगे तो व्यापारी, व्यापारी को ही वोट देंगे। व्यापारी प्रत्याशी हो या व्यापार मंडल आह्वान करे तो व्यापारी को प्रमोट कर कारोबारी हित में उसे जिताया जाए। राना चावला, प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन रिटेल
सरकार वादे बहुत करती है लेकिन व्यापारियों का उत्पीड़न न हो, इसके लिए सख्त कदम नहीं उठाए जाते। सरकारी नियम कानून की वजह से दवा कारोबारी परेशान हैं। फॉर्मासिस्ट की अनिवार्यता समाप्त की जाए। व्यापारियों के लिए काला कानून लाकर उत्पीड़न का षड़यंत्र किया जा रहा है। राकेश पाठक, दवा कारोबारी
राजनीतिक पार्टियां चुनाव के समय लोक लुभावने वादे करती हैं। पार्टियों के शपथ पत्र लेना चाहिए कि वह चुनाव में किए गए वादों को हर हाल में पूरा करेंगी। नेता वोट हमसे लेते हैं और कानून विदेशी निवेशकों के हिसाब से बनते हैं। चुनावी घोषणा पत्र कारोबारी हित के हिसाब से बने। अनिल दुबे, अध्यक्ष इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
चुनावी घोषणा पत्र में लोगों को लुभाने के लिए लैपटॉप, मोबाइल जैसी तमाम चीजें फ्री में देने की घोषणा करना ठीक नहीं है। इसके बजाए जनसुविधाओं में इजाफा करने पर धनराशि व्यय की जाए। होटल इंडस्ट्री प्रभावित है। बिजली की दरें कम होने के साथ अन्य सुविधाएं बढ़ें तो इस इंडस्ट्री का भला होगा। अशोक गुप्ता, व्यापारी
व्यापारी सरकार की रीढ़ होते हैं। कारोबारी हित का ध्यान रखना नेताओं के लिए जरूरी है। शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेडीक्लेम जैसी व्यवस्था लागू कर लोगों को कम खर्च ज्यादा सुविधाएं देने पर ध्यान देना चाहिए। कारोबार बढ़ेगा तो सब खुशहाल रहेंगे। अशोक सिंह, उपाध्यक्ष प्रयाग केमिस्ट एसो. रिटेल
तमाम तरह के नियंत्रण से दवा समेत अन्य तरह के कारोबार प्रभावित हुए हैं। इसी कारण युवा कारोबार से दूर हो रहे हैं। टैक्स व्यापारी देते हैं और सुविधाएं दूसरे उठा रहे हैं। व्यापारियों के बीच का प्रत्याशी हो तो विकास संभव है। नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए। निखिल मलंग, दवा कारोबारी
विकास धीमा है। हर जगह जाम की समस्या से कारोबार प्रभावित है। मुंडेरा में इसका खासा प्रभाव है। मनौरी, बमरौली के बीच से रास्ता बने तो व्यापार बढ़ेगा। इसके लिए गंगा और यमुना पर एक-एक पुल की आवश्यकता है। रजिस्टर्ड व्यापारियों को बैंक सुविधाओं और ब्याज में छूट मिले। इससे टर्नओवर बढ़ेगा और सरकार को ज्यादा टैक्स मिलेगा। धनंजय सिंह, अध्यक्ष, मुंडेरा सुलेमसराय व्यापार मंडल
नोटबंदी के दौरान बैंकों में जमा हुए धन का व्यापारी हित में प्रयोग हो। आधारभूत संरचनाओं के लिए तय प्रस्ताव लागू किए जाएं। व्यापारियों के लिए सुरक्षा बढ़ाई जाए। हर तरह के व्यवसाय में नियम कानून सरल किए जाएं। व्यापारियों की हर सदन में नुमाइंदगी तय हो। सुधीर मिश्र, महामंत्री प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
अल्लापुर में बीते कुछ वर्षों में कारोबार में काफी इजाफा हुआ है। बड़ी संख्या में दुकानें खुले हैं लेकिन यहां कई समस्या भी हैं। यहां जलभराव की विकट समस्या है। इससे तीन माह कारोबार प्रभावित होता है। चुनाव में नेता इससे निजात दिलाने की बात तो करते हैं लेकिन आज तक हुआ कुछ नहीं। इस बार जो समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिलाएगा, उसे समर्थन दिया जाएगा। सत्य प्रकाश मिश्र, अध्यक्ष अल्लापुर व्यापार मंडल
व्यापारी हित सभी पार्टियों के एजेंडे से गायब है। जो इसकी बात करते हैं, वह समय आने पर मुकर जाते हैं। तमाम तरह के टैक्स और इंस्पेक्टरराज व्यापारियों की राह में रोड़ा बन रहे हैं। उत्पीड़न से निजात नहीं है। सुरक्षा देने के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। आए दिन व्यापारी बदमाशों का शिकार होते हैं। इससे निजात मिलनी चाहिए। महमूद अहमद, व्यापारी नेता