भाजपा प्रत्याशी ने की पर्चा खारिज करने की मांग
इस बीच अदालत द्वारा अक्षय प्रताप सिंह को दोषी करार दे दिया गया था। इसलिए राजा भैया के करीबी व पूर्व जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष डॉ. केएन ओझा, एमएलसी गोपालजी की पत्नी मधुरिमा सिंह ने भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी थीं।
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा प्रत्याशी हरिप्रताप सिंह ने जनसत्ता दल के प्रत्याशी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी के नामांकन को निरस्त करने के लिए आपत्ति की। मगर रिटर्निंग ऑफीसर ने उनकी आपत्ति को खारिज कर दिया। 23 मार्च को गोपालजी को सात साल की सजा सुनाई गई। ऐसे में उनके चुनाव लड़ने पर ग्रहण की अटकलें तेज हो गईं। उनके स्थान पर पत्नी मधुरिमा सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा थी।
चुनाव से जुड़े अधिकारियों ने प्रत्याशी को सजा मिलने के प्रकरण को चुनाव आयोग को भेजते हुए मार्गदर्शन मांगा था। नामांकन वापसी के आखिरी दिन तक कोई भी आदेश नहीं आया। बृहस्पतिवार को निर्धारित समय पर रिटर्निंग अधिकारी नामांकन कक्ष में मौजूद रहे। किसी प्रत्याशी ने अपना नाम वापस नहीं लिया। एडीएम मुकेशचंद्र ने बताया कि आयोग से कोई आदेश नहीं आया है। इसलिए अब छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
सजा के खिलाफ अपील पर टिकी थीं निगाहें
निवर्तमान विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी को फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में मिली सात साल की सजा के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रभारी जिला जज की अदालत में दाखिल अपील के बाद फैसले पर सभी की निगाहें टिकी थीं। प्रताप सदन में मौजूद कुंडा विधायक व पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया पल-पल की जानकारी अधिवक्ताओं से ले रहे थे।
निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी को मिली सात साल की सजा के मामले में उनके अधिवक्ता व पूर्व डीजीसी शचींद्र प्रताप सिंह की ओर से जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए प्रभारी जिला जज संतोष तिवारी ने अधिवक्ताओं के दलील सुनी। न्यायालय ने सात साल की सजा के फैसले को स्थगित करते हुए गोपालजी को जमानत दे दी।
इस दौरान अधिवक्ता जेपी मिश्रा, राजकुमार सिंह, प्रशांत शेखर सिंह, वीर विक्रम सिंह, संजीव सिंह, दुर्गेश उपाध्याय व गौरव सिंह भी सहयोग में रहे। अदालती कार्रवाई के बारे में लगातार अधिवक्ताओं से राजाभैया जानकारी लेते रहे। जमानत स्वीकार होने के बाद अदालत के बाहर समर्थक खुशी का इजहार करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाते नजर आए।