निर्मल अखाड़े में भी हुआ दो फाड़
उदासीन परंपरा के निर्मल अखाड़े के सचिव और परिषद के उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री की अध्यक्षता में ही वैरागियों, उदासीनों और संन्यासियों के सात अखाड़ों ने मिलकर अलग परिषद बनायी थी। लेकिन, अब बदले घटनाक्रम में निर्मल अखाड़ा के एक धड़े ने 25 को बाघबंरी मठ में होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक में शामिल होने का एलान किया है। पंचायती अखाड़ा निर्मल के अध्यक्ष महंत रेशम सिंह ने परिषद की बैठक में कोठारी और अन्य पदाधिकारियों के साथ शामिल होने की घोषणा की है।
महंत रेशम सिंह का कहना है कि महंत ज्ञानदेव की कमेटी की स्टे अर्जी को पंजाब की तरनतारन की कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। ऐसे में ज्ञान सिंह और देवेंद्र सिंह की कमेटी वैध नहीं रह गई है। अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि शनिवार को प्रयागराज आएंगे। इससे पहले उन्होंने भी निर्मल अखाड़े की पुरानी कमेटी को असांविधानिक बताया है। उनका कहना है कि रेशम सिंह ही निर्मल अखाड़े के अध्यक्ष हैं और उनको बैठक में आमंत्रित किया गया है। निरंजनी अखाड़े के सचिव रवींद्र पुरी ने भी सात अखाड़ों के बहुमत का दावा किया है।