कार्यक्रम की शुरुआत पैरा हैंड ग्लाइडर विंग कमांडर अशोक ने हवा में 360 डिग्री पर करतब दिखाते हुए परेड में इंट्री की। उसके बाद दो वायु योद्धा पैरा मोटर्स हवा में उड़ते हुए परेड में आए।
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हवा में करतब दिखाते वायु सेना के जांबाज।
- फोटो : अमर उजाला।
भारतीय वायुसेना की 91वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एयर शो के पहले शुक्रवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुआ। बमरौली स्थित मध्य वायु कमान मुख्यालय में वायुसेना योद्धाओं की परेड हुई। इसमें वायु योद्धाओं के अनुशासन, जोश और जज्बे की झलक दिखी। कार्यक्रम की शुरुआत में पैरा हैंग ग्लाइडर विंग कमांडर अशोक ने हवा में 360 डिग्री पर हवाई करतब दिखाते हुए परेड में इंट्री की। इसके बाद परेड शुरू हुई।
सुबह आठ बजे शुरू हुए कार्यक्रम में दो वायु योद्धा पैरा मोटर्स से हवा में उड़ते हुए परेड में आए। उन्होंने कई कलाबाजियां हवा में ही कीं। वहां मौजूद स्कूली बच्चों की उन्हें खूब तालियां मिलीं। इस दौरान जमीन से आठ हजार किलोमीटर की ऊंचाई पर बोइंग एएन-32 विमान से 10 पैराजंपर तिरंगा लहराते हुए कूदे।
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हवा में करतब दिखाते वायु सेना के जांबाज।
- फोटो : अमर उजाला
ऊंचाई इतनी थी कि लोगों को आसमान में विमान ही नहीं दिखा, लेकिन कुछ सेकंड बाद बादलों के बीच से रंग बिरंगे पैराशूट लेकर नीच आते जवान जरूर दिखाई दिए। यह देख दर्शक रोमांचित हो उठे। उनके जमीन तक आने के दौरान वहां तालियां बजती रहीं। इस बीच जहां एक ओर वायु योद्धाओं की परेड चल रही थी तो उसी दौरान हवा में चार हेलिकॉप्टर तिरंगा लहराते हुए वहां से गुजरे।
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फुल ड्रेस रिहर्सल करते सेना के जवान।
- फोटो : अमर उजाला।
हेलिकॉप्टर में तिरंगा देख दर्शकों ने भारत माता के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। उसी दौरान बख्शी का तालाब लखनऊ से आए तीन सूर्य किरण विमान तिरंगा धुआं छोड़ते हुए निकले तो उसे देखकर वहां एक बार फिर से तालियां बजने लगी। कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र गरुड़ कमांडो की परेड रही। पांच गरुड़ कमांडो हेलिकॉप्टर के नीचे बंधी रस्सी के सहारे लटकते नजर आए। वायु योद्धाओं ने अपनी राइफल से भी कई करतब दिखाए।
उन्होंने दिखाया कि अनुशासन और ड्रिल भारतीय वायुसेना की जीवन शैली है। इसके पूर्व वायु योद्धाओं ने परेड भी कि। कमांडिंग इन चीफ एयर मार्शल आरजीके कपूर ने परेड की सलामी ली। परेड में 200 से ज्यादा जवान शामिल हुए।
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हवा में करतब दिखाते वायु सेना के जांबाज।
- फोटो : अमर उजाला।
परेड में पहली बार शामिल हुईं महिला अग्निवीर
वायुसेना दिवस पर होने वाली परेड के फुल ड्रेस रिहर्सल में पहली बार महिला अग्निवीर भी शामिल हुईं। यहां इनकी संख्या कुल 31 रही। महिला अग्निवीरों के कदमताल पर वहां मौजूद दर्शकों ने उनका अभिवादन भी किया।
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हवा में करतब दिखाते वायु सेना के जांबाज।
- फोटो : अमर उजाला।
परेड में पहली बार बदला गया झंडा
वायुसेना के स्थापना दिवस पर पहली बार कुछ नई परंपराएं शुरू हो रही हैं। इस बार झंडा बदलने की प्रक्रिया का रिहर्सल किया गया। पुराने झंडे की जगह कमांडिंग इन चीफ ने नया झंडा लगाया। अब एयरफोर्स डे के मौके पर आयोजित परेड के दौरान इसे आधिकारिक रूप से बदला जाएगा। इस दौरान एयर मार्शल आरजीके कपूर ने परेड में शामिल सभी जवानों को शपथ दिलाई कि वे जात-पात का भेदभाव न करते हुए एक समान भाव से सभी देशवासियों की रक्षा करेंगे। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई वायु योद्धाओं को सम्मानित भी किया गया। हालांकि वायु योद्धाओं को एयरफोर्स डे के दिन भी सम्मानित किया जाएगा।
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हवा में करतब दिखाते वायु सेना के लड़ाकू विमान।
- फोटो : अमर उजाला।
संगम पर घातक लड़ाकू विमानों ने दिखाई सेना की महाताकत
संगम पर शुक्रवार को भारतीय वायु सेना के जखीरे से एक से बढ़कर एक घातक लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी। आठ हजार फीट की ऊंचाई से जवानों ने पैराजंपिंग की तो राफेल, मिग और मिराज की गगनभेदी गर्जना के साथ सैन्य महाताकत का अहसास कराया गया। 91वें वायु सेना दिवस पर आठ अक्तूबर को होने वाले फ्लाई पास्ट से पहले यह फुल रिहर्सल था।
इस हवाई सैन्य प्रदर्शन की थीम ''असीम वायु शक्ति'' रखी गई है। वायु प्रदर्शन का रिहर्सल दोपहर बाद 2:44 बजे आरंभ हुआ। सबसे पहले चिनूक लड़ाकू विमानों ने संगम की परिक्रमा कर लहरों को नमन किया। फिर विमान ने सटीक निशाने पर बम वर्षा करने का भी सीन क्रिएट किया। इसके बाद चेतक हेलिकॉप्टर तिरंगा लहराते हुए उड़ान भरते नजर आए। चेतक का नेतृत्व ग्रुप कैप्ट साईं किरन कर रहे थे।
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वायु सेना के जवानों ने हवा में दिखाया शौर्य।
- फोटो : अमर उजाला।
विंग कमांडर जयकृष्णन ने जगुआर का प्रदर्शन किया। इसके बाद रुद्र समूह वाले एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर के मोहक प्रदर्शन पर किले की प्राचीरों से लेकर परेड मैदान तक तालियां गूंजती रहीं। इस ग्रुप का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल आनंद कर रहे थे। फिर बारी आई प्रचंग ग्रुप की। माल वाहन हल्के लड़ाकू विमान अपाचे का भी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।
इसके बाद हाल में ही भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हुए परिवहन विमान सी-295 ने संगम के आसमान पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इसे लेकर आए थे कैप्टन बीएस नेगी। इसके बाद परिवहन विमान हरक्यूलिस के साथ पांच विमानों ने एक साथ चक्कर आसमान के चक्कर लगाए। ये विमान झूंसी से अरैल तक दर्शकों को अपने प्रदर्शन से लुभाते रहे।
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वायु सेना के जवानों ने हवा में दिखाया शौर्य।
- फोटो : अमर उजाला।
इसी तरह जटायु समूह वाले तीन मिग-29 ने जब गर्जन शुरू की तो वंदे मातरम के जयकारे गूंजने लगे। इसके बाद हवा से बातें करते हुए दुश्मन के ठिकानों पर सटीक निशाना लेकर मिसाइल गिराने में माहिर सुखोई की गर्जन से पूरा संगम क्षेत्र दहल उठा। सुखोई विमानों ने अपनी कलाबाजियों से आसमान को सतरंगी बना दिया। इसी दौरान दहाड़ लगाते मिराज और हर लक्ष्य को भेदने के लिए तैयार राफेल ने कभी तीर बनाया तो कभी मिसाइल गिराने का दृश्य प्रदर्शित किया।
सारंग हेलिकॉप्टर ने कभी डॉल्फिन की तरह आसमान में छलांग लगाने का प्रदर्शन किया तो दिल बेधता तीर बनाकर तालियां बरोरीं। इसी तरह सूर्य किरन हेलिकॉप्टरों के समूह ने कभी विक्ट्री बनाई तो कभी वंदे मातरम के रूप में शौर्य का प्रदर्शन किया। इस समूह ने त्रिशूल के साथ आसमान को सतरंगी छटा से भर दिया। इस रिहर्सल की कमेंट्री पल्लवी ने की।
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हजारों फीट की ऊंचाई से नीचे उतरते हैंग पैराग्लाइडर्स।
- फोटो : अमर उजाला।
आठ हजार फीट की ऊंचाई से जवानों ने परेड में लगाई छलांग
संगम पर आकाश गंगा समूह ने पैराजंपिंग से हर किसी को रोमांचित किया। आठ हजार फीट की ऊंचाई से वायु सेना के जवानों ने निर्धारित लक्ष्य पर छलांग लगाई। सबसे पहले तिरंगे वाले पैराशूट में ग्रुप कमांडर रवींद्र ने छलांग लगाई। इनके बाद सार्जेंट विक्रम ने जंप किया। राम कुमार तिवारी और एसके मंडल दो के समूहों में एक साथ आसमान में ही अलग होकर उतरे तो महेश, भूपेश डोरा और फणीश्वर ने तीन के समूहों में अलग होकर छलांग लगाकर तालियां बटोरीं।
विंटेज हेलिकॉप्टर टाइगर और हार्वर्ड ने भी दिखाई कलाबाजी
हेरिजेट विंटेज हेलिकॉप्टरों ने भी शुक्रवार को संगम के आससमान पर करतब दिखाए। भीष्म समूह में आए हार्वर्ड और टाइगर विंटेज विमानों ने संगम से लेकर किले सामने परेड तक खूब कलाबाजियां दिखाईं।
जिप्सी को असेंबल करते वायु सेना के जवान।
- फोटो : अमर उजाला।
जवानों ने पांच मिनट में जोड़ दिए जिप्सी के पुर्जे-पुर्जे
बमरौली में वायु योद्धाओं ने महज पांच मिनट में ही एक जिप्सी को असेंबल कर दिया। अफसरों के समक्ष 13 जवानों ने एक चलती-फिरती जीप के पुर्जे-पुर्जे पहले अलग किए। बाद में उसी को दोबारा जोड़ दिया। यह देख कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों लोगों ने तालियां बजाकर जवानों का उत्साहवर्धन किया।
जांबाज जगुआर सब पर भारी
भारतीय एयरफोर्स के बेड़े में यूं तो काफी विमान हैं, लेकिन जुगआर की गर्जना अन्य विमानों के मुकाबले ज्यादा तेज रही। आसमान में होने वाली गड़गड़ाहट से ही एक बारगी लोगों को युद्ध जैसा माहौल दिखा। हवा में लट्टू की तरह नाचते जगुआर को देखना दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव रहा।