इसी बीच मिहनाजपुर वार्ड से बतौर पार्षद जीतकर आए निजामुद्दीन को भी शपथ दिलाने के लिए मंच पर बुलाया गया। मंच पर शपथ लेने के बाद उन्होंने अतीक अहमद जिंदाबाद का नारा लगाना शुरू किया। इससे नगर निगम परिसर में हड़कंप मच गया, लोग हैरान रह गए। कई लोगों की ओर से नारेबाजी के विरोध पर हंगामा शुरू हो गया।
हंगामा बढ़ता देख पार्षद अतहर रजा लाडले, अकीलुर्रहमान समेत अन्य पार्षदों ने मंच पर पहुंच कर निजामुद्दीन को शांत और निगम परिसर में हो रहे हंगामे को खत्म कराया। इसके बाद इस बात को लेकर शहर में कई दिनों तक चर्चा होती रही कि किस प्रकार एक नव निर्वाचित पार्षद ने माफिया अतीक अहमद के जिंदाबाद के नारे लगाए। नगर निगम परिसर में आज भी लोग इस घटना को याद करते हैं।