Prayagraj News : अतीक और अशरफ को गोली मारता लवलेश तिवारी। फाइल फोटो
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Prayagraj News : अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले शूटर अरुण मौर्य को पकड़ती पुलिस।
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बरामद फोन में नहीं लगा था सिम
होटल के जिस कमरा नंबर 203 में रहते हुए शूटरों ने अतीक की रेकी की और फिर दो दिन बाद कॉल्विन हॉस्पिटल के गेट पर भून डाला, वहां की तलाशी में एक बैग मिला है। इस बैग में ही दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। हैरानी की बात है कि किसी भी फोन में सिम नहीं लगा है। बगैर सिम के फोन क्यों हैं, इस पर शूटर मौन हैं। सूत्रों का कहना है कि शूटरों की यह ध्यान भटकाने वाली चाल भी हो सकती है।
पुलिस ने होटल का सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला। इसके साथ ही कर्मचारियों से पूछताछ करने के बाद पिछले 15 दिन के भीतर होटल में आए मेहमानों का ब्योरा भी लिया। फिलहाल, मेहमानों की आईडी प्रूफ की कॉपी ली गई है। जरूरत लगने पर पुलिस इनसे भी पूछताछ कर सकती है।
Prayagraj News : अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले शूटर सनी सिंह को पकड़ती पुलिस।
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घटनास्थल पर दो घंटे से मौजूद थे शूटर
एसआईटी की जांच में सनसनीखेज बात यह भी मालूम चली है कि शूटर 15 अप्रैल की रात अतीक-अशरफ को ढेर करने के लिए दो घंटे पहले ही कॉल्विन हॉस्पिटल पहुंच गए थे। बड़ा सवाल यह है कि इतनी पुख्ता जानकारी शूटरों को कैसे थी, जबकि उस वक्त पुलिस माफिया भाइयों को कसारी-मसारी के जंगल ले जाकर उनसे पिस्टल बरामद करा रही थी।यह किसी बड़ी साजिश से ही संभव है कि शूटर यह जानते थे कि अतीक-अशरफ को एक बार फिर से हॉस्पिटल लाया जाएगा, जबकि इसकी खबर अस्पताल अधीक्षक तक को नहीं दी गई थी।
जैसे ही माफिया भाई रात करीब साढ़े 10 बजे पहुंचे, मीडिया कर्मी बनकर खड़े तीनों शूटरों ने उन पर 20 से ज्यादा गोलियां उतार दीं। हमले की फिराक में शूटर एक दिन पहले भी अस्पताल आए थे, लेकिन तब पुलिस और मीडियाकर्मियों की संख्या ज्यादा होने से बात नहीं बनी थी। अभी रिमांड की अवधि रविवार शाम पांच बजे तक है। इस दौरान और भी कई खुलासे हो सकते हैं।