बार काउंसिल ने दो दिन और बढ़ाया कार्य बहिष्कार का निर्णय
यूपी बार कौंसिल ने भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय दो दिनों के लिए बढ़ा दिया है। इससे यूपी में फिलहाल, दो दिनों तक न्यायिक कार्य नहीं हो सकेंगे। इसके पहले यूपी बार एसोसिएशन के आह्वान पर हाईकोर्ट सहित अन्य न्यायिक संस्थानों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। हालांकि, हाईकोर्ट में और दिनों के मुकाबले न्यायिक कार्य से विरत रहने का असर कम देखने को मिला। अधिवक्ताओं के चैंबर नहीं खुले, लेकिन कुछ अदालतों ने देर तक बैठकर काम किया।
अदालतों का कामकाज रहा प्रभावित
ज्यादातर मामलों में आदेश पारित नहीं हो सका। क्योंकि, प्रवेश द्वारों के बंद रहने से फाइलें अदालतों तक नहीं पहुंच सकीं। इसलिए ज्यादातर मामलों में सुनवाई की आगे कि तिथियां तय कर दी गईं। कुछ मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जारिये भी सुनवाई की गई, लेकिन फाइलों के न होने का असर रहा। मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक सिंह ने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बुधवार को भी न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया था। इससे बुधवार को भी हाईकोर्ट में कामकाज नहीं हुआ।
राजस्व बार एसोसिएशन, केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण सहित अन्य न्यायिक संस्थानों में भी कामकाज नहीं हुआ। दोनों बार एसोसिएशनों ने बुधवार को भी न्यायिक कार्य न करने का निर्णय लिया गया। यूपी बार कौंसिल के सदस्य और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं का आंदोलन अभी जारी रहेगा।
हापुड़ मामले पर यूपी भर के बार एसोसिएशनों का सम्मेलन प्रयागराज में 17 सितंबर को
हापुड़ लाठीचार्ज को लेकर 17 सितंबर को प्रदेश की सभी बार एसोसिएशन का सम्मेलन प्रयागराज में आयोजित किया गया है। इसमें अध्यक्ष या मंत्री अपना पक्ष लिखित तौर पर रखेंगे। उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह सम्मेलन प्रयागराज में ही होगा। यह जानकारी बार कौंसिल के चेयरमैन शिव किशोर गौड़ ने दी। उन्होंने बताया कि यह निर्णय कौंसिल के पदाधिकारियों के साथ हुई वर्चुअल बैठक में लिया गया।