ज्ञान पुस्तकालय मैदान में बाबा जय गुरूदेव धर्म विकास संस्था की ओर से आयोजित सत्संग में उपस्थित श्रद्घालु।
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शाकाहार अपनाने और मांस मदिरा के परित्याग से कई तरह की बुराइयों से दूर रहा जा सकता है। मांस-मदिरा से होने वाली आय की बदौलत कोई भी सरकार अच्छी व्यवस्था नहीं दे सकती है। यह बात बाबा जयगुरु देव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत ने सोमवार को कीडगंज स्थित ज्ञान पुस्तकालय मैदान में आयोजित सत्संग के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने मानव शरीर परोपकार के लिए दी है इसे पवित्र रखना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मांसाहार करने वालों की तुलना में शाकाहार करने वाले कई असाध्य बीमारियों से बचे रहते हैं। मदिरा सेवन करने वालों की बुद्धि विवेक धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है और वे सहजता से बुराई के रास्ते चल पड़ते हैं। कहा सत्संग करने से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचरण और मन का भटकाव समाप्त होता है। उन्होंने पीएम मोदी से गौहत्या बंद कराने और राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिए जाने की मांग की। उसके पहले उज्जैन से आए संत उमाकांत का बाबा जयगुरुदेव संगत के अध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने स्वागत किया। कार्यक्रम में मनदीप केसरवानी, पार्षद गणेश केसरवानी, चंद्रप्रकाश वर्मा, राकेश श्रीवास्तव सहित बड़ी लोग उपस्थित रहे। संत उमाकांत मंगलवार को कुशीनगर के लिए प्रस्थान कर जाएंगे।