Prayagraj News : संगम तट पर डाला छठ के मद्देनजर घाट की तैयारी जोरों पर है।
- फोटो : प्रयागराज
खरना के बाद शुरू होगा निर्जला व्रत
नौ नवंबर को खरना के बाद निर्जला व्रत शुरू होगा। इसी के साथ लगातार 24 घंटे तक निर्जला व्रत रखकर 10 नवंबर की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को छठ का पहला अर्घ्य दिया जाएगा। इसके लिए व्रती महिलाएं सज धज कर डेलिया में डाला षष्ठी का अखंड दीप जलाकर घरों से बाजे गाजे के साथ निकलेंगी। बांस की डेलिया में पूजा का सामान और मंडप के लिए गन्ने का तना लेकर परिजन घाटों पर पहुंचेंगे। वहां वेदियों पर दीप जलाकर डाला षष्ठी की पूजा की जाएगी। इसके बाद डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। 11 नवंबर की सुबह सूर्योदय के समय अर्घ्य देकर उपवास का पारण किया जाएगा।
कार्तिक मास में सूर्य अपनी नीच राशि में होता है। इसलिए सूर्य देव की विशेष उपासना करने की परंपरा रही है,ताकि रोग-दुख का शमन हो सके। खास तौर से संतान की प्राप्ति और दीर्घायु की कामना के लिए भी महिलाएं इस व्रत को धारण करती हैं। ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेंद्र मिश्र।
Prayagraj News : डाला छठ के मद्देनजर संगम तट पर साफ सफाई का काम शुरू हो गया है।
- फोटो : प्रयागराज