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प्रयागराज : लाक्षागृह गंगा घाट पर बनेगा पुल, मध्यप्रदेश से मिर्जापुर होते हुए प्रयागराज तक का आवागमन होगा आसान

Sun, 07 Nov 2021 01:38 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो , प्रयागराज

सार

लाक्षागृह के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, सेतु निगम के अफसरों ने किया सर्वे। 1400 मीटर लंबा होगा लाक्षागृह परानीपुर सेतु। आरओबी का भी कराया जाएगा निर्माण। यूपी और एमपी के पूर्वी हिस्से के लोगों की राह होगी आसान।
 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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आध्यात्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाक्षागृह से परानीपुर के बीच गंगा पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए राजकीय सेतु निर्माण निगम की ओर से सर्वे करा लिया गया है। इस पुल के साथ सुगम यातायात के लिए एक आरओबी का निर्माण भी प्रस्तावित है। इस पुल और आरओबी के निर्माण से लाक्षागृह तक यातायात तो सुगम होगा ही, पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से लेकर पूर्वांचल के कई जिलों का प्रयागराज से सीधा जुड़ाव हो जाएगा।

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हंडिया में गंगा पर प्रस्तावित लाक्षागृह-परानीपुर सेतु करीब 1400 मीटर लंबा होगा। पहले लाक्षागृह के अलावा एमपी से जुड़े इलाकों को जोड़ने के लिए गंगा पर सिरसा में पुल बनाने के लिए लंबे समय से आवाज उठाई जा रही थी, लेकिन अब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के हस्तक्षेप के बाद यह बहुप्रतीक्षित सपना साकार होने जा रहा है। खास बात यह है कि यह पुल अब सिरसा से नहीं, बल्कि परानीपुर से शुरू होगा। इस पुल का निर्माण लाक्षागृह के आध्यात्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कराया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस पुल के निर्माण से लाक्षागृह के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

साथ ही जौनपुर से मध्यप्रदेश का सीधा जुड़ाव होगा। परानीपुर गंगा घाट से लाक्षागृह घाट तक का हाल में ही सेतु निर्माण निगम की ओर से सर्वे कराया जा चुका है। गंगा पर इस पक्के पुल के प्रस्ताव के साथ ही एक ओवरब्रिज भी शामिल है। यह ओवरब्रिज प्रयागराज से वाराणसी जाने वाली रेलवे लाइन पर बनाया जाना है। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि इस पुल और आरओबी के निर्माण के बाद परानीपुर- मेजारोड मार्ग पर भी यातायात सुगम हो जाएगा।

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बढ़ेगी पर्यटन की संभावना
वाहनों को प्रयागराज-मिर्जापुर राजमार्ग तक पहुंचाने के लिए रामनगर के डोरवा से ऊंचडीह बाजार होते हुए उरुवा फ्लाई ओवर के पास इस आरओबी को गिराया जाएगा। ताकि, लोग महाभारतयुगीन कहे जाने वाले लाक्षागृह के गौरवशाली पौराणिक अतीत से परिचित हो सकें। लाक्षागृह में वेद व्यास द्वार के अलावा कुंती महल और भव्य प्रेक्षागृह का निर्माण पहले से ही कराया जा रहा है।

माना जा रहा है कि इस पुल के निर्माण के बाद इस पर्यटन स्थल की रौनक बढ़ जाएगी। इससे लाक्षागृह देखने के लिए आने वालों को लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी। उल्लेखनीय है कि प्रयागराज से मिर्जापुर के बीच गंगा पर एक भी पक्का पुल न होने से इस रूट पर लोगों को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। यह पुल पहले सिरसा घाट पर बनना था, लेकिन तकनीकी कारणों से अब इसका निर्माण परानीपुर गंगा घाट से शुरू होगा।
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गंगा पर पुल निर्माण से लाक्षागृह के आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगी राष्ट्रव्यापी पहचान
धर्म क्षेत्र लाक्षागृह पर्यटन स्थल विकास समिति के संस्थापक ओंकार नाथ त्रिपाठी ने लाक्षागृह को जोड़ने के लिए परानीपुर में गंगा पर सेतु निर्माण की घोषणा को सांस्कृत पर्यटन विकास की दिशा में मील का पत्थर करार दिया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आभार जताया। उन्होंने बताया कि जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के मार्गदर्शन में लाक्षागृह गंगा घाट पर पक्का पुल बनवाने के लिए लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था।

पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने पर उन्होंने सांसद रीता जोशी, विधायक नीलम करवरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि गंगा पर इस प्रस्तावित पुल से लाक्षागृह के पर्यटन विकास को राष्ट्रव्यापी पहचान मिल सकेगी। इससे मिर्जापुर, सोनभद्र से प्रयागराज होते हुए वाराणसी, जौनपुर, अयोध्या, प्रतापगढ़, लखनऊ, कानपुर तक का यातायात सुविधाजनक हो जाएगा।
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