कटघर प्रमेजपुर गांव में 15 जनवरी को एक घर में पूजा कार्यक्रम हो रहा था। उसी रात घर के सदस्य आदर्श की खेत में सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। किसी को कुछ समझ नहीं आया था कि नाबालिग आदर्श की हत्या किसने और क्यों की। परिवार के लोगों से जिससे भी रंजिश थी, सबको पकड़कर पूछताछ की गई लेकिन मामला खुला नहीं। हत्या के बाद आदर्श का मोबाइल भी गायब था। पुलिस ने नंबर सर्विलांस पर लगा रखा था। कुछ दिन पहले आदर्श का मोबाइल एक्टिव हुआ लेकिन लोकेशन मुंबई की थी। पुलिस ने जांच फिर शुरू की। मुंबई से एक किशोर के पास से मोबाइल बरामद हुआ।
किशोर को यहां लाया गया। उसी से पूरे मामले का खुलासा हुआ। उसने बताया कि आदर्श ने अपनी चाची को रात में एक व्यक्ति के साथ देखा तो उसका वीडियो बना लिया था। चाची और उसके सहयोगी ने मोबाइल छीन कर आदर्श की हत्या कर दी। बाद में वीडियो डिलीट कर सहयोगी ने वह मोबाइल अपने रिश्तेदार किशोर को दे दिया था।
घटना के महीने भर बाद मुख्य आरोपी की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद भी कई महीने तक किशोर ने मोबाइल नहीं चलाया था। कुछ दिन पहले ही उसने मोबाइल ऑन किया और पकड़ा गया। उसके बयान के आधार पर आदर्श की चाची को भी गिरफ्तार कर लिया।