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उपलब्धि : विश्व के शीर्ष दो फीसद विज्ञानियों में इलाहाबाद विवि के आठ प्रोफेसर शामिल 

Wed, 03 Nov 2021 07:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

यूएसए की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी हर साल दुनिया के शीर्ष दो फीसद विज्ञानियों की जारी करती है सूची। विश्व के सभी विश्वविद्यालयों का सर्वे कराने के बाद जारी की जाती है सूची।
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prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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दीपावली पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। यहां के आठ शिक्षकों को विश्व के शीर्ष दो फीसद विज्ञानियों की सूची में स्थान मिला है। इनके शोध सबसे ज्यादा उल्लिखित हुए हैं। शिक्षकों की इस उपलब्धि पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष ने शुभकानाएं दी हैं।
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इविवि के जिन शिक्षकों का नाम इस सूची में शामिल है, उनमें प्रोफेसर शिव मोहन प्रसाद (प्लांट बायोलाजी एंड बाटनी), प्रोफेसर बेचन शर्मा (बायोकेमेस्ट्री एंड मालीक्यूलर), प्रोफेसर अभय कुमार पांडेय (बायोकेमेस्ट्री), डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह (इनवायरमेंटल इंजीनियरिंग), प्रोफेसर सैयद इब्राहिम रिजवी (बायोकेमेस्ट्री एंड मालीक्यूलर), प्रोफेसर देवेंद्र कुमार चौहान (प्लांट बायोलाजी एंड बाटनी), प्रोफेसर रवींद्र धर (एप्लाइड फिजिक्स) और प्रोफेसर एमसी चट्टोपाध्याय (जनरल केमेस्ट्री) हैं। यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका (यूएसए) स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी हर साल दुनिया के शीर्ष दो फीसद विज्ञानियों की सूची जारी करती है।

सभी विश्वविद्यालयों का सर्वे कराने के बाद यह सूची जारी की जाती है। सर्वे में यह देखा जाता है कि दुनिया के किसी विश्वविद्यालय के विज्ञानी का शोध सबसे ज्यादा उल्लेखित हो। यानी उनके शोध पत्रों के हवाले अथवा उसे आधार मानकार कितने शोध कार्य हुए या पेटेंट हुए हैं। साथ ही कितने शोध पत्र उस विज्ञानी के प्रकाशित हुए।
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यह शोध विश्व के लिए कितना जानकारी परक है और उससे विज्ञान जगत में कितना लाभ देने वाला है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (आटा) के अध्यक्ष प्रोफेसर राम सेवक दुबे ने इन सभी शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह से विश्वविद्यालय के शिक्षक गुणवत्ता परक शोध करते रहेंगे तो निश्चित तौर विश्वविद्यालय को नित नई ऊचाइयों पर ले जाएंगे। 
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