जांच के दौरान वह गर्भवती निकली। परिजनों के पूछने पर किशोरी ने आपबीती सुनाई। इस पर घरवालों ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। काफी प्रयास के बाद पिछले दिनों पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। किशोरी के पिता के मुताबिक, वह चार माह से गर्भवती है।
उसने अदालत से गर्भपात कराने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने 15 दिन पहले सीएमओ को मेडिकल बोर्ड गठित कर किशोरी का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए गर्भपात कराने के लिए कहा। पिता का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने बेटी को जिला अस्पताल में लाकर भर्ती तो करा दिया, लेकिन गर्भपात नहीं कराया जा रहा।
बेटी की हालत दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। पिता का आरोप है कि अब तक बोर्ड का भी गठन नहीं किया जा सका। वहीं सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार का कहना है किशोरी का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद रिपोर्ट अदालत को भेजी जा चुकी है। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
हाई रिस्क जोन में है पीड़िता
सीएमओ डॉ. सुष्पेंद्र कुमार का कहना है किशोरी के पेट में चार माह का गर्भ है। ऐसे में गर्भपात कराना हाई रिस्क होगा। अदालत का आदेश मिलने के बाद किशोरी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराकर गर्भपात कराया जाएगा। फिलहाल, विभाग अदालत के आदेश का इंतजार कर रहा है।